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Bhadohi News: हादसे का सबब बन सकते हैं बिजली विभाग के पुराने उपकरण

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ज्ञानपुर। इस साल शुरूआती दौर में ही बढ़ते तापमान ने प्रचंड गर्मी पड़ने की आहट दे दी है। फरवरी और मार्च में तापमान 30 से 33 डिग्री तक पहुंच चुका है। प्रचंड गर्मी का असर विद्युत उपकरणों पर भी होता है। जर्जर उपकरण हीट होने से ध्वस्त तो होते ही है। इसके कारण अगलगी की घटनाएं भी देखने को मिलती है। बिजली विभाग के पुराने उपकरणों को वी-रैंप योजना से बदला जाना है। इसके सर्वे का कार्य पूरा हो चुका है। फिलहाल जर्जर उपकरण हादसे को दावत देते नजर आ रहे हैं।
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जिले में विद्युत वितरण खंड गोपीगंज और भदोही अंतर्गत कुल सवा दो लाख उपभोक्ताओं के घरों तक बिजली की आपूर्ति होती है। उपखंडों से जुड़े गांवों में लगे विद्युत उपकरण सालों पुराने हो चुके हैं। इसमें कुछ तो ऐसे हैं, जो पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं। दूसरी तरफ गर्मी की आहट भी शुरू हो गई है। जिस तरह से शुरूआती तापमान है। उससे इस साल प्रचंड गर्मी पड़ने की आशंका जतायी जा रही है। माना जा रहा है कि इस साल गर्मी पिछले कई सालों का रिकार्ड तोड़ देगी। प्रचंड गर्मी का असर निश्चित तौर पर विद्युत आपूर्ति के लिए लगाए गए ऐसे उपकरणों पर पड़ेगा, जो पुराने और जर्जर हो चुके हैं। जिसमें किसी तरह का ब्लॉस्ट या शार्ट सर्किट होने से अगजनी की घटना हो सकती है। ग्रामीण इलाकों और खेतों में अक्सर बिजली विभाग के उपकरणों से आगजनी की घटनाएं देखने को मिलती है। कई बार गरीबों का छप्पर भी आग की चपेट में आ जाता है।
इनसेट वीरैंप योजना से बदले जाएंगे उपकरण
अधीक्षण अभियंता अशोक कुमार ने बताया कि जर्जर उपकरणों को बदले जाने को लेकर वीरैंप योजना को स्वीकृति मिली है। इसके लिए मंडल स्तर पर 350 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। जिसमें कार्यदायी संस्था ने सर्वे का कार्य भी पूरा कर लिया है। इसके बाद ट्रांसफार्मर का अनुरक्षण कार्य, 85 किमी 33 हजार केवी, 350 किमी 11 हजार केवी, 1350 किमी खुले तारों के स्थान केबिलयुक्त तार लगाए जायेंगे। प्रतिदिन उप खंड अधिकारी तकनीकी कर्मचारियों के लिए चार-पांच ट्रांसफार्मरों का अनुरक्षण कर तेल की कमी पूरा करने के साथ ही लीड को बदल रहे है। जिससे आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु रखा जा सके।
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शार्ट सर्किट से हर साल 20 से 30 लाख का नुकसान
गर्मी के दिनों में शार्ट सर्किट की घटनाओं के अचानक इजाफा हो जाता है। ऐसे में कई जगहों पर खेतों व जंगलों में आग लगने की घटनाएं सामने आती है। एक अनुमान के मुताबिक हर साल शार्ट सर्किट से लगी आग के कारण 20 से 30 लाख का नुकसान होता है।

पुराने उपकरणों के कारण हुए हादसे
केस-1
दो सप्ताह पहले कोइरौना थाना क्षेत्र के मैलोना-चंदापुर में 11 हजार का विद्युत तार टूटकर गिर गया। जिससे गांव निवासी हंसराज के तीन मड़हे जल गए। वहीं उनकी दो भैंसे जलकर मर गई। इस हादसे से किसान की गृहस्थी का काफी नुकसान हुआ।
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केस-2
पांच अप्रैल 2021 को जिले में अगजनी की दो घटनाएं हुई। जिसमें एक घटना ऊंज और दूसरी कोईरौना में हुई। इन दोनों घटनाओं में खेतों में पककर तैयार किसानों की 10 बीघे की गेंहू की फसल जलकर खाक हो गई। यह घटना भी जर्जर विद्युत तार से हुए शार्ट सर्किट के कारण हुआ था।
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