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मौसम की मारः जिला अस्पताल में बढ़ी डायरिया मरीजों की संख्या, बेंच पर लेट करा रहे इलाज; बच्चे भी बीमार

Wed, 24 Apr 2024 05:53 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, भदोही

सार

Bhadohi News: स्थिति यह रही कि इमरजेंसी में पहुंचने वाले मरीजों को बेड नहीं मिल पा रहा है। जिससे वे बाहर की टेबल पर ही लेटने को विवश हो रहे हैं। हालांकि चिकित्सकों की ओर से अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों के इलाज में पूरी सतर्कता बरती जा रही है, लेकिन तत्काल बेड न मिलने के कारण मरीज इधर-उधर लेटने को विवश हैं।
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जिला अस्पताल में बढ़ी डायरिया मरीजों की संख्या - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ज्ञानपुर में बेतहाशा बढ़ी गर्मी और सहालग सीजन में अनियमित खानपान लोगों की सेहत पर भारी पड़ने लगी है। महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय की इमरजेंसी डायरिया मरीजों से पटी रही। बुधवार को 30 से अधिक डायरिया मरीजों का उपचार किया गया।

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जिला अस्पताल की इमरजेंसी में 64 बेड होने के बाद भी मरीज बेड का इंतजार करते दिखे। बुधवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 821 मरीजों की ओपीडी हुई। जिले में इन दिनों मौसम तेजी से बदला है। वहीं, दूसरी तरफ लग्न और विवाह के सीजन में लोग जमकर पकवानों का लुफ्त उठा रहे हैं।

मौसम की तल्खी और अनियिमित खानपान ने लोगों की सेहत पर बुरा प्रभाव डाला है। बुधवार को जिला अस्पताल की ओपीडी व इमरजेंसी मरीजों की भीड़ देखी गई। अधिकतर मरीज उल्टी, दस्त और डायरिया से जुड़े रहे।
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ज्ञानपुर के निवासी अंकित वर्मा ने अपनी मौसी को दिखाने आए थे। जिन्हें डायरिया हुआ है। ज्ञानपुर के आलोक रावत की पत्नी को सुबह से ही ग्लूकोज चढ़ रहा था। वे भी डायरियां से ग्रसित रही। बताया कि आंधे घंटे बाद उन्हे बेड मिला है, जबकि ऊपर बहुत सारे बेड खाली हैं।

बेड़ के इंतजार में बेंच पर लेटा रहा मरीज
जिला चिकित्सालय में भले ही लाख सुविधाओं का दावा किया जाए, लेकिन हकीकत की पोल उस समय खुल गई, जब एक मरीज बेड़ के इंतजार में करीब आंधे घंटे तक बेड पर लेटा रहा। औराई निवासी मंगल उल्टी, दस्त से कहरा रहा था। बार-बार शौचालय भाग रहा था, इमरजेंसी हॉल में बेंच पर बेड़ के इंतजार में करीब आधे घंटे तक लेटा रहा।
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बोले अधिकारी
मरीज को बेड़ नहीं मिला यह अफवाह है, पर्याप्त बेड़ का संसाधन है। मरीजों का समूचित उपचार किया जाता है। इमरजेंसी 64 बेड का है। इमरजेंसी का 24 घंटे में 5-6 बार निरीक्षण करता हूं। किसी मरीज को दिक्कत है, तो उसे तत्काल व्यवस्था उपलब्ध कराया जाता है। - डॉ. राजेंद्र कुमार, सीएमएस जिला चिकित्सालय

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