जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव खत्म होने के बाद अब ब्लॉक प्रमुखी को लेकर सियासत गर्म होने लगी है। महीने भर से क्षेत्र पंचायत सदस्यों को अपने पाले में लेने की कोशिश संभावित प्रत्याशियों ने तेज कर दिया है। भाजपा से टिकट पाने की जुगत में सभी जिले से लेकर लखनऊ तक गणेश परिक्रमा कर रहे हैं। जिले में पहले चरण में 15 अप्रैल को मतदान हुआ। निर्वाचित ग्राम प्रधान शपथ ले चुके हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव भी हो चुका है। अब ज्ञानपुर, भदोही, औराई, डीघ, अभोली और सुरियावां ब्लॉक के प्रमुखी को लेकर सियासी सरगर्मी बढ़ने लगी है। ब्लॉक प्रमुख चुनाव के लिए भले ही अधिसूचना अभी जारी नहीं हुई, लेकिन छह ब्लॉक के 661 क्षेत्र पंचायत सदस्यों को अपने पाले में लाने की कोशिश तेज हो गई हैं। औराई में पूर्व मंत्री रंगनाथ मिश्र के बेटे एवं निवर्तमान प्रमुख विकास मिश्र के सामने दमदार प्रत्याशी के न होने से उन्हें जहां वाकओवर मिलता दिख रहा है। वहीं सुरियावां में एससी सीट पर भाजपा विधायक रविंद्रनाथ त्रिपाठी का कोई करीबी ही प्रमुख बन सकता है। भदोही ब्लॉक में तीन से चार दावेदारों ने निवर्तमान प्रमुख प्रशांत सिंह चिट्टू की चिंता बढ़ा दी है। ज्ञानपुर में भाजपा नेता आनंद मिश्रा, बबलू सिंह और अमन शुक्ला दावेदारी ठोंक चुके हैं। तीनों ही उम्मीदवार भाजपा से टिकट पाने की जुगत में लगे हैं। यही हाल डीघ का है। जहां पर पूर्व प्रमुख मनीष मिश्र, मनोज मिश्र और राकेश मिश्र सदस्यों को अपनी तरफ खिंचने की कोशिश में हर हथकंडे अपना रहे हैं। अभोली में भी मुकाबला कठिन हो चुका है। यहां पर भी तीन प्रत्याशी मैदान में आ चुके हैं। वहीं दूसरी ओर रविवार को अभोली की एक क्षेत्र पंचायत सदस्य ने सुरियावां थाने में तहरीर देकर एक व्यक्ति पर प्रमाणपत्र छीनने का आरोप लगा दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही थी कि परिवार के लोग दबाव बनाकर तहरीर को वापस करा लिया।