अब सड़क पर नियम तोड़ने वाले वाहन की पहचान सिर्फ नंबर प्लेट से नहीं, बल्कि फोटो और डिजिटल रिकॉर्ड से भी होगी। परिवहन और यातायात पुलिस ने चालान की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने के लिए चालान एप को अपग्रेड किया है। नए सिस्टम में वाहन की फोटो, नंबर और चालान से जुड़ा विवरण डिजिटल रिकॉर्ड के रूप में दर्ज होगा। भविष्य में उसी वाहन के दोबारा नियम तोड़ने पर पूर्व कार्रवाई का रिकॉर्ड सामने आ सकेगा।
यातायात नियमों का पालन कराने के लिए साल में दो बार सड़क सुरक्षा माह और पखवाड़ा चलाया जाता है। इसमें लोगों को नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया जाता है, लेकिन तमाम कवायद के बाद भी हेलमेट, सीटबेल्ट न लगाने से लेकर अन्य नियमों की अनदेखी जैसे मामले आते हैं। औसतन प्रतिदिन परिवहन और यातायात विभाग 200 वाहनों का चालान करती है। अब यातायात एवं परिवहन विभाग भी डिजिटल रूप से समृद्ध हो रहा है। जिससे पूर्व के चालान का ब्योरा भी एक फोटो से पता चल सकेगी। चौराहों पर लगे ऑटोमेटेड कैमरे गाड़ी की नंबर प्लेट की फोटो खींचते हैं और (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) सॉफ्टवेयर की मदद से नंबर को पढ़ लेते हैं। इसके बाद इस नंबर को सरकारी वाहन डेटाबेस से मिलाया जाता है। इससे गाड़ी के असली मालिक की पहचान होती है। कैमरे की ओर लिया गया यह रिकॉर्ड राज्य के परिवहन विभाग के सर्वर पर अपलोड हो जाता है। इसमें चालान नंबर, तारीख, सटीक लोकेशन (जीपीएस कोऑर्डिनेट्स) और फोटो के रूप में पुख्ता सबूत शामिल होते हैं। जब आप ऑनलाइन अपना स्टेटस देखते हैं, तो पोर्टल आपकी गाड़ी के नंबर या ड्राइविंग लाइसेंस नंबर की मदद से इसी डेटा को आपके सामने प्रदर्शित करता है और दिखाता है कि चालान पेंडिंग है, भरा जा चुका है या फिर विवादित है। एआरटीओ राम सिंह ने बताया कि चालान एप का अपग्रेड किया गया है। जिससे अब वाहन के फोटो से भी चालान समेत अन्य जानकारी मिल सकेगी।