ज्ञानपुर के पास भिदिउरा में ठंढ़ से बचने के लिए अलाव तापते लोग। संवाद
ज्ञानपुर। पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बर्फबारी और पश्चिमी विक्षोम सक्रिय होने के कारण दिसंबर वाली कड़ाके की ठंड का अहसास नंवबर में ही होने लगा है। ठंड में बढ़ोतरी होने से इस साल पांच साल का रिकार्ड टूट गया है। 2021 से लेकर 2025 तक 11 से 19 नवंबर के बीच के औसत तापमान पर नजर डालें तो 2025 का नवंबर सबसे ठंडा रहा है। इस साल न्यूनतम तापमान बीते पांच वर्ष के औसत तापमान में चार डिग्री तक कम है। कालीन नगरी ठंड से ठिठुर रही है। गलन ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है। मौसम विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो बीते पांच साल में नवंबर 2025 सबसे अब तक सबसे ठंडा रहा है। साल 2021 के अपेक्षा रात का पारा चार डिग्र्री तक लुढ़का है। दिन में धूप खिल रही है लेकिन ठंड से राहत नहीं मिल रही है। सुबह-शाम की ठंड व शीतलहर से लोगों की कंपकंपी छूटने लगी है। 2021, 2022 और 2024 में औसतन न्यूनतम तापमान करीब 15 से 16 डिग्री के बीच रहा है। वहीं 2023 में 16-17 डिग्री रहा है। वहीं इस साल अब तक औसत तापमान 11 से 13 डिग्री के ही बीच रहा है। बीते पांच सालों में इस साल रात के तापमान में औसतन चार डिग्री की कमी आई है। तापमान में कमी आने से दिनभर ठिठुरन बनी रहती है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. सर्वेश बरनवाल ने बताया कि इस साल ठंड बढ़ने के पीछे मुख्य कारण बीते सप्ताह जम्मू कश्मीर, हिमालय क्षेत्राें की बर्फबारी है। इससे पश्चिमी विक्षोम का सक्रिय होना और पछुआ हवाओं में नमी से ठंड बढ़ी है। इस साल दो सप्ताह पहले ही ठंड ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं।