बिजली खंभे पर तार जोड़ते समय बिजली आपूर्ति होने से लाइनमैन की मौत मामले में एक्सईएन एसके सिंह ने एसडीओ प्रभात भार्गव को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। कहा कि शट डाउन लिए जाने के बाद भी बिजली सप्लाई कैसे चालू रही और इसके लिए कौन-कौन दोषी है। इसके अलावा लाइनमैन किन परिस्थितियों में खंभे में पर चढ़ा था। इसको लेकर स्पष्ट जवाब मांगा गया। सुरियावां कोतवाली के करियावं फीडर से जुड़े चकचंदा गांव में बृहस्पतिवार का तार टूटने की सूचना पर जोड़ने खंभे पर चढ़े लाइनमैन लालीपुर गांव निवासी परमेन्द्र गौतम (27) की अचानक करंट की चपेट में आने से खंभे से नीचे गिरने से मौत हो गई थी। आनन-फानन में एक्सईएन एसके सिंह मौके पर जांच करने पहुंचे और प्रारंभिक जांच में दोषी मिले जेई आनंद प्रकाश को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
साथ ही शट डाऊन करने वाले कर्मचारी परमेश्वर और क्षेत्रीय लाईनमैन पवन को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया। वहीं उन्होंने मृतक बिजली निगम का लाइनमैन नहीं बताया। अब शुक्रवार को मामला तूल पकड़ने के बाद एक्सईएन ने एसडीओ प्रकाश भार्गव को भी नोटिस जारी किया है।
जवाब मांगा है कि प्राइवेट लाईनमैन किन परिस्थितियों में बिजली बनाने के लिए चढ़ा। एक्सईएन ने बताया कि एसडीओ से जवाब मांगा गया है। संतोष जनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई भी की जाएगी।