ज्ञानपुर। जिले में झोलाछाप डाक्टरों के कारण होने वाले हादसों के बाद भी अवैध अस्पतालों का संचालन रूक रहा है। स्वास्थ्य विभाग नोटिस का तामिल कराकर भूल जाता है जबकि संचालक धड़ल्लें से अवैध क्लीनिक चलाते हैं। मंगलवार को विभाग ने एक बार फिर तीन अवैध अस्पतालों को बंद करने का नोटिस जारी किया है।
गौरतलब हो कि जिले में दो जिला अस्पताल, छह सीएचसी, 17 पीएचसी संग 50 से अधिक पंजीकृत निजी अस्पताल 8 हैं। इसके अलावा सुरियावां, चौरी, मोढ़, महराजगंज, जंगीगंज, ऊंज, सूफीनगर, कटरा, धनतुलसी सहित अन्य बाजारों में बिना डिग्री के अवैध क्लीनिक संचालित हो रहे हैं। ऐसे में पिछले दिनों चौरी और त्रिलोकपुर नहरा स्थित क्लीनिक पर नवजात और प्रसूता की मौत के बाद विभाग की ओर से पत्र जारी कर अवैध अस्पतालों को बंद करने का निर्देश दिया गया है।, लेकिन मामला ठंडा होने पर विभाग भी सुस्त हो गया है। जीयनपुर निवासी विंध्यवासिनी उपाध्याय ने अवैध अस्पतालों के संचालन को लेकर आईजीआरएस पर शिकायत की थी। जिसमें सीएचसी प्रभारी गोपीगंज आशुतोष पांडेय ने तीन क्लीनिक जांच भी की थी । इस दौरान जांच में शिकायत सही मिलने पर आख्या रिपोर्ट सीएमओ को सौंपी गई थी।
इस संबंध में सीएमओ डॉ. लक्ष्मी सिंह ने स्किन केयर सेंटर क्लीनिक गोपीगंज के संचालक संजय कुमार गुप्ता, रोही बाजार के दिलशाद क्लीनिक और जौहरपुर के डॉ. सुखलाल पाल को नोटिस जारी कर क्लीनिक बंद करने का निर्देश दिया। सीएमओ ने चेतावनी दी है कि अस्पताल बंद न होने पर मेडिकल एक्ट के तहत कार्रवाई होगी। वहीं शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि पूर्व में आठ अवैध अस्पतालों को बंद करने की नोटिस जारी की गई लेकिन उनका संचालन नहीं रूका। विभागीय कृपा से उनको अब भी चलाया जा रहा है।