जिले में बुधवार को आईं राज्य महिला आयोग की सदस्य कुसुम प्रजापति ने कहा कि महिलाओं के उत्पीड़न वाले मामले में पुलिस उदासीनता न बरते। उन्होंने कहा कि शिकायतों की सही ढंग से जांच कर कार्रवाई की जाए। महिलाओं के मामले में दोनों पक्षों को समझा बुझाकर निस्तारण को प्राथमिकता दें।
वह गेस्ट हाउस में महिला उत्पीड़न से जुड़ी शिकायतें सुन रही थीं। उन्होंने चेतावनी दी कि महिला उत्पीड़न के मामले में लापरवाही, शिथिलता और उदासीनता बरतने पर अधिकारियों, कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शिकायत निस्तारण में महिलाओं को थाने का चक्कर न लगाना पड़े, इसकी भी हिदायत दी।
उन्होंने जनपद के सुदूर ग्रामीण अंचलों से आईं महिलाओं की समस्याओं के शिकायत पत्र अधिकारियों को उपलब्ध कराए। साथ ही उनका त्वरित निस्तारण करने का निर्देश दिया।
इस दौरान फरियादियों में भदोही के रजपुरा निवासी सुंदरी पत्नी राजमणि मौर्या ने बताया कि बार-बार अनुरोध के बाद भी बीडा अधिकारियों की लापरवाही से पुस्तैनी, मकान, जमीन जेसीबी से ध्वस्त कर दिया गया। इसमें प्रशासन की ओर से उन्हें पहले किसी तरह का नोटिस भी नहीं दिया गया। इसके अलावा उन्हें किसी तरह का मुुआवजा भी नहीं दिया गया। राज्य महिला आयोग की सदस्य ने पीड़ित महिला को अश्वासन दिया कि उसके मामले में कार्रवाई की जाएगी, उसे न्याय मिलेगा।