ज्ञानपुर। जिला उपभोक्ता आयोग ने अवमानना पर बुधवार को औराई कोतवाली के रतना ठेघीपुर निवासी एक ईंट भठ्ठा संचालक के खिलाफ गैर जमानत वारंट जारी किया। आयोग ने एसपी को ईंट भठ्ठा संचालक को गिरफ्तार कर 22 नवंबर तक कोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। सात जनवरी 2016 को आयोग ने ईंट भठ्ठा संचालक को दो लाख 65 हजार रुपये नौ फीसदी वार्षिक ब्याज साथ और 20 हजार रुपये मानसिक क्षति पीड़ित को देने का निर्देश दिया था। ईंट भठ्ठा संचालक ने आयोग के आदेश की अवमानना की।
औराई कोतवाली के उमरहा निवासी वरुण दुबे ने 2014 में उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। बताया कि था कि ईंट लेने के लिए 15 फरवरी 2012 को शपथ पत्र के साथ दो लाख रतना ठेघीपुर निवासी ईंट भठ्ठा संचालक रामबहादुर पटेल को रुपये दिए थे। इसके बाद भी भठ्ठा संचालक ने मई 2012 तक वादी को ईंट नहीं दी बल्कि अपनी बातों में फंसाकर कोयला लाने के बहाने उससे तीन किस्तों में 65 हजार रुपये ले लिए। इसके बाद उसने वादी को दोयम दर्जे की तीन हजार और 1500 अच्छी गुणवत्ता वाली ईंटें दी थीं। कुछ दिन बाद तीन हजार और खराब ईंटे दीं। बाकी पैसा मांगने पर उसने वादी को पैसा वापस नही किया। मामले में सुनवाई करते हुए आयोग ने सात जनवरी 2016 को ईंट भठ्ठा संचालक को दी गईं ईंटें का पैसा काटकर बाकी दो लाख 65 हजार रुपये नौ फीसदी वार्षिक ब्याज साथ उपभोक्ता को देने का निर्देश दिया था। इसके साथ ही आयोग ने भठ्ठा संचालक पर बतौर मानसिक क्षति 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया था। आदेश के आठ साल बाद भी ईंट भठ्ठा संचालक ने वादी को पैस नहीं दिया। मामले में वादी की अपील आयोग ने ईट भठ्ठा संचालक के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया। आयोग ने एसपी को हर हाल में 22 नवंबर तक ईट भठ्ठा संचालक को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया।