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बजट ः किसी ने सराहा तो किसी ने नकारा

Tue, 01 Mar 2016 01:38 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, भदोही
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देश का आम बजट आम आदमी का बजट साबित हुआ कि नहीं यह तो समय बताएगा, लेकिन तात्कालिक तौर पर बजट को लेकर जिले के लोगों ने मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है।
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 आयकर स्लैब बढ़ाने की आस लिए बजट का इंतजार कर रहे कर्मचारी वर्ग को जहां मायूसी हाथ लगी है, वहीं रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर जूझ रहे मध्यम वर्ग की परेशानियां भी फिलहाल कम होती नहीं दीख रहीं। हालांकि उद्योग जगत बजट की सराहना करते नहीं थक रहा।

सोमवार को सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक लोग वित्त मंत्री अरुण जेटली के संबोधन को टीवी पर सुनते रहे। बढ़ती महंगाई के बीच केंद्र सरकार के आम बजट को लेकर लोग काफी आशा भरी नजर से देख रहे थे।
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सोमवार को सुबह 10 बजे से ही लोग दूकानों और घरों में टीवी खोलकर बैठ गए। पूर्व सांसद और भाजपा नेता गोरखनाथ पांडेय ने कहा कि सरकार का आम बजट विकासोन्मुखी है।
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सरकार ने किसान, गरीब, मजदूर सभी के हित को ध्यान में रखते हुए बजट बनाया। इससे केंद्र की योजनाओं को बल मिलेगा और देश का सर्वांगीण विकास होगा।

उधर कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष राजेंद्र दुबे राजन ने कहा कि बजट में दूरदर्शिता की कमी है। आम आदमी की तात्कालिक समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया।

बजट में बढ़ती महंगाई पर काबू पाने के लिए भी कोई कारगर उपाय नहीं किया गया है। दूसरी ओर सेटटॉप बॉक्स लगाने पर लागत कम होने पर केबल ऑपरेटर संघ ने बजट को सराहा।

कहा कि इससे आम आदमी को सहूलियत मिलेगी और घर-घर मनोरंजन और सूचनाएं पहुंच सकेंगी। जिससे वह देश्ा दुनिया की खबरो से रूबरू हो सकेंगे।
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