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नहरों में पानी नहीं, धान की रोपाई प्रभावित

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सीतामढ़ी/दुर्गागंज। पूर्वांचल के भदोही, वाराणसी, मिर्जापुर और प्रयागराज जिले के किसानों की लाइफ लाइन कही जाने वाली ज्ञानपुर पंप नहर परियोजना मौजूदा समय में बदहाली के दौर में है। मुख्य नहर सहित रजवाहों, माइनरों और कुलाबों का भी बुरा हाल है। नहरें मिट्टी, बालू और घास फूस से पटी पड़ी हैं। परिणामस्वरूप नहरों में पानी नहीं आने से धान की रोपाई को लेकर संकट पैदा हो गया है। रजवाहों और माइनरों में पानी न आने से किसान परेशान हैं। खेतों में तैयार धान की नर्सरी भी सूखने अथवा खराब होने लगी है।
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दरअसल, बीते दिनों यास और ताऊते चक्रवात के कारण शुरूआत में तो अधिक बारिश हो गई थी, उसके बाद समय से पूर्व आए मानसून में भी जमकर मेघ बरसे। फिर इसके बाद से मौसम लगातार किसानों से आंख मिचौली कर रहा है, जो मौजूदा समय तक जारी है। ऐसे में अब बारिश नहीं होने से इस सीजन की प्रमुख फसल धान की रोपाई प्रभावित हो रही है। अधिकतर किसान मानसून का इंतजार कर रहें है तो कुछ निजी पंपिग सेट से ही रोपाई करने में जुट गए हैं। मानसून की बारिश नहीं होने पर किसानों को नहरों पर भरोसा होता है, लेकिन इस समय माइनरों और रजवाहों में पानी नहीं आने से किसान परेशान हो गए हैं। नहरों में पानी छोड़ने की मांग करते हैं तो विभागीय अधिकारी समस्याओं को रोना रोने लगते हैं। ज्ञानपुर पंप नहर परियोजना के डीघ रजवाहा सहित बारीपुर और सीतामढ़ी माइनर में पानी नहीं छोड़े जाने से किसानों की धान की रोपाई अधर में लटकी है। स्थिति यह है कि किसानों की तैयार धान की नर्सरी खराब होने लगी है। किसानों का कहना है कि नहरों में पानी नहीं होने के कारण धान की बुआई नहीं हो पा रही है। बारीपुर बहोरनपुर माइनर में पानी नहीं होने से शुक्लान, बनिया का तारा, गड़ेरिया की बारी, पैगहा, सीतामढ़ी, नारेपार, मठहा, मनोहरपुर, बारीपुर आदि गांवों में धान की बुवाई अधर में लटकी हुई है। किसानों का आरोप है कि डीघ रजवाहा सहित बारीपुर और सीतामढ़ी माइनर में टेल तक पानी कभी भी नहीं पहुंचता है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से बार-बार शिकायत के बावजूद भी समस्या सुनने वाला कोई नहीं है। किसानों ने आरोप लगाया की योगी सरकार में न तो नहरों में पानी है और न ही सुचारु रूप से बिजली की आपूर्ति हो रही है। ऐसे में किसान खेती कैसे करें। आरोप है कि समस्याओं के बावजूद सिंचाई विभाग का कोई अधिकारी और कर्मचारी नहरों को देखने तक नहीं आता है। बनिया का तारा के किसान मुन्ना सिंह, सरकार बहादुर शुक्ला, पप्पू शुक्ला, बड़कऊ पाल, कलातुलसी के आदर्श पांडेय, डीघ के मातारन तिवारी, इटहरा के कमलाशंकर मिश्रा आदि किसानों ने जिलाधिकारी से नहरों में क्षमता से पानी छोड़ने की मांग की है।
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