कई दिनों बाद उमस और गर्मी से बेहाल लोगों को शनिवार को दोपहर में हुई एक घंटे की बारिश से थोड़ी देर के लिए राहत मिली। लेकिन बारिश बंद होते ही फिर उमस और गर्मी से बेहाल रहे। ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों की सड़कों पर कीचड़ होने से आवागमन में परेशानी का सामना लोगों को करना पड़ा। वहीं बारिश से धान की पिछैती नर्सरी को फायदा हुआ है।
एक सप्ताह से आसमान में उमड़-घुमड़ करने वाले बादलों को देखकर किसानों में चर्चा रही कि अच्छी बारिश होने पर धान की रोपाई शुरु हो जाएगी। अभोली क्षेत्र के किसान रामजीत सिंह, कृष्णमोहन, विष्णुदत्त, मनोज आदि का दर्द रहा कि गत माह हुई झमाझम बारिश का कोई लाभ न मिलने से अभी तक 80 फीसद धान की रोपाई नहीं हो सकी। अगैती नर्सरी डालकर 20 फीसद तक रोपाई करा चुके किसान सिंचाई के लिए परेशान है। कारण है कि उमस और गर्मी के चलते अघोषित विद्युत कटौती से न सिंचाई संसाधन चल रहे हैं न नहर विभाग रजवाहा-माइनर में टेल तक पानी पहुंचा सका। सुरियावां नगर, दुर्गागंज, गोपीगंज, दुर्गागंज-ज्ञानपुर रोड तिराहा, दानूपुर, अभोली, ऊंज, कुरमैचा, कोइरौना, माधोसिंह, औराई, जयरामपुर-घोसिया, औराई चौराहा, सूफीनगर-गोधना मार्ग जलनिकासी नाली के अभाव में जलमग्न रही।