फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोशाला में दुधारू गायें नहीं, कैसे होगी कुपोषण से जंग

विज्ञापन
विज्ञापन
ज्ञानपुर। गाय के दूध के बूते मासूमों के कुपोषण से जंग शुरू होने से पहले ही फेल होती नजर आ रही है। गोशालाओं में एक भी दुधारू गाय नहीं है, जबकि जिले में 10 हजार कुपोषित और अति कुपोषित बच्चे हैं। ऐसे में सभी कुपोषित बच्चों के परिवार तक दुधारू गाय पहुंचाना मुश्किल ही दिख रहा है।
विज्ञापन

कुपोषण खत्म करने के लिए सरकार तमाम योजनाएं चल रही हैं, लेकिन भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के चलते धरातल पर योजनाएं ठीक से उतर नहीं पातीं। प्रदेश सरकार अब उत्तम पोषण, उत्तर प्रदेश रोशन योजना में कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों के परिवार वालों को एक-एक दुधारू गाय देगी। ताकि गाय के दूध के सेवन से कुपोषण दूर कर बच्चे स्वस्थ हो सकें। सरकार की यह मंशा धरातल पर मूर्त रूप लेती नहीं दिख रही। जिले के एक स्थायी और 21 अस्थायी गौशालाओं में कुल 3200 गोवंश हैं। इनमें लगभग दो हजार गायें हैं। हालांकि इनमें एक भी दुधारू नहीं हैं। पशुपालन विभाग का मानना है कि 300 के करीब गायें गर्भवती हैं, जो तीन से चार महीने में दुधारू हो सकेंगी। अगर यह सभी गायें कुछ माह में दुधारू हो जाएं तब भी 10 हजार कुपोषित बच्चों में तीन फीसदी भी इस योजना से लाभान्वित नहीं हो सकेंगे।
बताते चलें कि जिले में 3365 अति कुपोषित और 7416 कुपाषित बच्चे हैं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. जेडी सिंह ने कहा कि गोशालाओं में अभी एक भी दुुधारू गाय नहीं है। करीब 300 गायें गर्भवती हैं, जो कुछ माह में दुधारू हो जाएंगी। ज्यादातर लोग बेकार और ठांठ हो चुकी गायों को ही छोड़ते हैं, जिन्हें गोशालाओं में रख दिया जाता है।
विज्ञापन

उच्चाधिकारियों को दी जाएगी रिपोर्ट
ज्ञानपुर। जिला कार्यक्रम अधिकारी राजीव कुमार सिंह ने कहा कि कुपोषित बच्चों को गोशालाओं से गायें देने की योजना है। मगर, यदि गोशालाओं में गायें नहीं हैं तो इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दी जाएगी। जैसा निर्देश होगा, किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें