लालानगर। निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल (निषाद) के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। अध्यक्ष पर कार्यकर्ताओं के साथ शोषण का आरोप लगाते हुए बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं-पदाधिकारियों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया। गोपीगंज के ड़े शिव धाम पर आयोजित बैठक में कार्यकर्ताओं ने कहा कि डॉ. निषाद ने निषाद समाज के कल्याण से जुड़ा कोई कार्य नहीं किया।
गोपीगंज नगर के बाबा बड़े शिव मंदिर परिसर में आयोजित बैठक में निषाद पार्टी के दो दर्जन से अधिक पदाधिकारियों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष पर शोषण का आरोप लगाया। राष्ट्रीय महासचिव रमेशचंद्र केवट ने कहा कि लगभग 10 वर्ष पूर्व जिले में आई पार्टी के जनाधार को बढ़ाकर समाज के लोगों ने विधानसभा तक प्रतिनिधित्व कराया, लेकिन राष्ट्रीय नेतृत्व समाज से किए गए वादों पर कभी खरा नहीं उतर सका। यहां तक कि आरक्षण के नाम पर चलाए गए आंदोलन को भी धार नहीं दे सके। आंदोलन के नाम पर पुलिस प्रशासन ने कार्यकर्ताओं पर मुकदमे लाद दिए, जिसका खामियाजा वह झेलते आ रहे हैं फिर भी राष्ट्रीय नेतृत्व ने कभी यह जानने की कोशिश नहीं की कि उन पर क्या बीत रही है। समाज को आरक्षण दिलाने का वादा कर राष्ट्रीय अध्यक्ष अपने वादे को भूल गए और निजी स्वार्थ में पार्टी को ही गिरवी रख दी। इतना ही नहीं समाज से करोड़ों रुपये चंदा हासिल कर राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पार्टी कार्यालय के जमीन को भी अपने नाम करा लिया।
उन्होंने कहा कि इस्तीफा देने वालों में जिला कमेटी, विधानसभा कमेटी, ब्लॉक कमेटी से जुड़े पदाधिकारी शामिल हैं। राष्ट्रीय सचिव गिरजा शंकर केवट, प्रदेश सचिव हजारीलाल केवट, जिलाध्यक्ष रवि केवट, नंदलाल केवट, जिला महासचिव मेही लाल केवट, कैलाश केवट, पंडित मानिकचंद केवट, मंडल प्रभारी डॉ. भगवती प्रसाद केवट, मंडल सचिव विजय कुमार केवट, जिला प्रभारी दुर्गाचरण, विधानसभा अध्यक्ष लक्ष्मीचरण केवट, औराई ब्लॉक अध्यक्ष शिवचंद केवट, डीघ ब्लॉक अध्यक्ष राजकुमार केवट, जिला कार्यालय प्रभारी हीरामणि, कालीचरण मास्टर, अमीरचंद, श्यामलाल, मीडिया प्रभारी दिलीप केवट, जिला सचिव राजधर केवट, महेंद्र निषाद, रामनरेश चौधरी, रामसागर निषाद सहित अन्य पदाधिकारी शामिल हैं। बिंद समाज विकास परिषद ने निषाद पार्टी से सामूहिक इस्तीफा देने वाले पदाधिकारियों की सराहना कर स्वागत किया है।