ज्ञानपुर। जिले की 250 सड़कों पर बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (एचएसआरपी) के करीब 18 हजार वाहन फर्राटे भर रहे हैं। करीब 15 फीसदी दो और चार पहिया वाहन पुराने नंबर प्लेट लगाकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं। 2019 से पहले के सभी वाहनों में एचएसआरपी नंबर प्लेट लगना अनिवार्य है, लेकिन छह साल बाद भी लोग इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। विभाग ने हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट न लगवाने पर अब तक करीब 100 वाहनों का चालान काटा है। इससे चार लाख रुपये का राजस्व वसूला है।
हमारी टीम ने बृहस्पतिवार को जिले की विभिन्न सड़कों पर बिना एचएसआरपी नंबर प्लेट के दौड़ रहे वाहनों की पड़ताल की। टीम ने ज्ञानपुर-गोपीगंज, मुख्यालय-मोढ़, सुरियावां-भदोही, चौरी-भदोही, औराई-बाबूसराय, गोपीगंज-जंगीगंज और दुर्गागंज-सुरियावां मार्ग सहित करीब कई मार्गों पर दौड़ रहे वाहनों की पड़ताल की। यहां सैकड़ों वाहन बिना एचएसआरपी के दौड़ते मिले। एआरटीओ विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अभी 18 हजार वाहनों एचएसआरपी नंबर प्लेट नहीं लग सकी है। कुल 1.21 लाख वाहनों में लगाने का लक्ष्य है। अभी तक 1.03 लाख वाहनों में प्लेट लगी है।
एक नजर आंकड़ों पर
जिले में दो लाख 85 हजार दोपहिया, चार पहिया और भारी वाहन पंजीकृत हैं। इनमें 2019 से पहले के एक लाख 52 हजार वाहन हैं। 2022 से अब तक करीब 1.03 लाख पुराने वाहनों में ही एचएचआरपी लग चुका है। एआरटीओ विभाग के अनुसार अब तक एक लाख 52 हजार वाहनों में से करीब 26 हजार वाहन 15 साल की अवधि पूरी कर चुके हैं। वाहन चालकों ने उनका पंजीकरण समाप्त नहीं कराया है। 2021 के बाद से सभी वाहनों पर नंबर प्लेट एजेंसी से लगकर वाहन में मिल रही है।
पहली बार पांच, दूसरी बार 10 हजार का जुर्माना
एआरटीओ से मिली जानकारी के मुताबिक चोरी और अपराध में इस्तेमाल वाहनों की पहचान करना मुश्किल हो जाता है। एचएसआरपी में लगे होलोग्राम और पिन से वाहन की ट्रैकिंग आसानी से की जाती है। पुराने नंबर प्लेट वाले वाहनों को पकड़ने पर पहली बार पांच हजार और दूसरी बार 10 हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
खुद बदलवा सकते हैं नंबर प्लेट
एआरटीओ से प्राप्त जानकारी के अनुसार एचएसआरपी नंबर प्लेट ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करके खुद आसानी से बदलवाई जा सकती है। पुराने नंबर प्लेट को बदलने के लिए बुक माई एचएसआरपी पर लॉगिन कर नंबर प्लेट बदली जा सकती है। चार पहिया वाहनों के लिए करीब 1100 से 1200 रुपये तथा दो पहिया वाहनों के लिए लगभग 400 से 500 रुपये किसी भी यूपीआई से ऑनलाइन जमा करना होता है।
लक्ष्य के सापेक्ष करीब 86 फीसदी वाहनों में एचएसआरपी नंबर प्लेट लगाई जा चुकी है। जो अभियान के दौरान छूटे हैं, उनमें लगाई जा रही है। वाहन मालिक भी सजग बनें और खुद नंबर प्लेट लगवाएं। - राम सिंह, एआरटीओ भदोही