कार्य में लापरवाही बरतने पर ऊंज और गोपीगंज के थानाध्यक्षों पर कार्रवाई की गाज गिर गई है। दोनों थानाध्यक्षों को पुलिस कप्तान ने लाइन हाजिर कर दिया है। गोपीगंज एसओ पर मऊ के स्कार्पियो चालक के शव को लावारिस बताकर गंगा में बहाने के आरोप में कार्रवाई की गई है, जबकि एसओ ऊंज को दो माह पुराने मांस प्रकरण में हटाया गया है।
करीब एक माह पूर्व गोपीगंज के थानाध्यक्ष बने विनोद दूबे गत दिनों उस समय विवादों में आए जब मऊ के एक स्कार्पियो चालक के शव को पुलिसकर्मियों ने अंतिम संस्कार की बजाए लावारिस बताकर गंगा में बहा दिया। इस मामले में दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था, लेकिन एसओ की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे थे। पुलिस कप्तान पीके मिश्र ने शनिवार को एसओ गोपीगंज विनोद दूबे को लाइन हाजिर करते हुए कोइरौना के एसओ हरिवंश सिंह यादव को गोपीगंज की कमान सौंप दी। वहीं दो महीने पहले सपा के एक बड़े नेता के मांस सप्लाई वाहन को जब्त कराकर नष्ट करने के मामले में ऊंज एसओ रमेश चौबे को भी हटना पड़ा। पुलिस अधीक्षक पीके मिश्र ने कहा एसओ ऊंज और गोपीगंज को लाइन हाजिर किया गया है, जबकि कानून व्यवस्था बेहतर करने के लिए अन्य थानाध्यक्षों को इधर-उधर भेजा गया।