पोस्ट आफीस कार्यालय ज्ञानपुर। संवाद
ज्ञानपुर (भदोही)। डाक विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। वाराणसी से 22 सितंबर को डिस्पैच किए गए 218 स्पीड पोस्ट आधे रास्ते से ही गायब हो गए, जबकि अधिकतम तीन दिन में स्पीड पोस्ट को पहुंचना होता है। विभाग की लापरवाही से कई अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर लग गया है। उनके पासपोर्ट समेत शैक्षिक अभिलेख व अन्य जरूरी दस्तावेज हैं। समय पर स्पीड पोस्ट न मिलने से वे यूरोप, कजाखस्तान, जार्जिया जैसे देश मेडिकल की पढ़ाई करने से वंचित हो जाएंगे। डाक विभाग को हाईटेक बनाने के लिए सरकार गंभीर है। इसके लिए नई-नई तकनीकी से डाकघरों को जोड़़ा जा रहा है लेकिन अफसरों की लापरवाही से विभाग की छवि धूमिल हो रही है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसमें 18 दिन पूर्व चला 218 स्पीड पोस्ट गंतव्य तक पहुंचने से पहले ही लापता हो गया। 22 सितंबर 2025 को वाराणसी से भेजा गया पोस्ट अभी तक ज्ञानपुर नहीं पहुंचा। वाराणसी के अफसर कहते हैं कि यहां से पोस्ट भेजा गया है जबकि ज्ञानपुर के अधिकारियों का कहना है कि अभी यहां पहुंचा ही नहीं है। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि वाराणसी से भदोही की 65 किमी की दूरी के बीच सभी स्पीड पोस्ट कहां गए। विभागीय अफसर इसका पता लगाने के बजाय एक दूसरे पर ठीकरा फोड़ रहे हैं। उनकी उदासीनता के कारण पोस्ट करने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है। इसमें कई अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिन्हें मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए विदेश जाना है लेकिन उनका पासपोर्ट ही नहीं मिल पा रहा है। इससे अभ्यर्थियों के साथ उनके परिजनों की चिंता भी बढ़ गई है। लाखों खर्च करने के बाद अब उनके बच्चों का भविष्य डाक विभाग की लापरवाही के भेंट चढ़ते दिख रहा है।