नवरात्र में माँ दुर्गा की पूजा सामग्री की खरीददारी करती महिलाएं। संवाद
ज्ञानपुर। देवी आराधना का पवित्र पर्व शारदीय नवरात्र सोमवार से आरंभ हो रहा है। पर्व की तैयारियों को कालीन नगरी में तेजी से अंतिम रूप दिया जा रहा है। जिले में 794 स्थानों पर पंडाल बनाकर दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित करने की तैयारी तेज हो गई है। रविवार शाम तक तमाम पंडालों में जगत जननी की प्रतिमाएं पहुंच गईं। नवरात्र के लिए देवी मंदिरों को भी आकर्षक ढंग से सजाया गया है। रविवार को खरीदारों की भीड़ से बाजार गुलजार रहे। आदिशक्ति की उपासना के नौ दिनी पर्व शारदीय नवरात्र को लेकर जिले का चप्पा-चप्पा भक्तिभाव में लीन नजर आ रहा है। देवी मंदिरों को जहां रंग-रोगन कर सजाया जा रहा है। घरों में कलश स्थापित कर नौ दिन तक देवी अनुष्ठान की तैयारियों को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस बार नवरात्र दस दिनों का होगा। घट स्थापना के तीन मुहूर्त हैं। इस बार मां का आगमन गज यानी हाथी पर होगा, जो सुखद संकेत है। नवरात्र की पूर्व संध्या पर रविवार को श्रद्धालु गाजे-बाजे के साथ रंग-गुलाल उड़ाते हुए माता की प्रतिमा लेकर पंडालों तक पहुंचे। एक दो तीन चार, मइया जी की जय जयकार..., मोरे घरे आवा हे मइया..., सजल बा दरबार शेरावाली का... आदि भक्ति गीत जिले की सड़कों पर रविवार को गूंजते रहे। ज्ञानपुर, भदोही, सुरियावां, मोढ़, गोपीगंज, चौरी, ऊंज, जंगीगंज, औराई आदि जिले के विभिन्न बाजार मां के रंग बिरंगे परिधानों से गुलजार है। 10 से लेकर 500 रुपये की कीमत में मां की चुनरी बिक रही है। वहीं छोटी चुनरी, पताखा, दीपदान, खाने-पीने के समान खरीदने के लिए दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ लग रही है। जिले में 794 स्थानों पर दुर्गा पूजा पंडाल में मां की प्रतिमा स्थापित होती है। देवी मंदिरों पर सफाई करने में पुजारी लगे रहे। हरिहर नाथ मंदिर में विराजमान मां काली देवी मंदिर, गोपीगंज के खड़हट्टी मोहाल स्थित मां काली देवी मंदिर, सीतामढ़ी सहित विभिन्न मंदिरों पर श्रद्धालुओं की भीड़ होती है। सुजातपुर निवासी आचार्य शरद पांडेय ने बताया कि नवरात्र में नौ दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की स्तुति की जाती है। देवी मंदिर से लेकर घरों तक लोग मां की पूजन अर्चन करते हैं। दोनों पहर पचरा, देवी गीत गाए जाते हैं। बताया कि मां का हाथी पर आगमन आगमन जलावृष्टि का संकेत है। डुहिया भावसिंहपुर निवासी आचार्य दीनानाथ शुक्ल ने बताया कि नवरात्र के पहले दिन घट स्थापना के तीन मुहूर्त हैं। पहला मुहूर्त प्रतिपदा तिथि के सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक है। शुभ मुहूर्त सुबह 6:05 से सुबह 8:06 बजे तक है। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:50 बजे से दोपहर 12:40 बजे तक है। साधक अपनी सुविधा के अनुसार घट स्थापना कर सकते हैं।