जिले में कालीन से विदेशी मुद्रा अर्जित करने वाला नगर पंचायत खमरिया बदहाल है। 15 वार्डों वाले इस नगर पंचायत के अधिकांश वार्ड अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहे हैं। जिम्मेदार भी इसको लेकर अंजान बने हुए हैं। 5 अप्रैल 1972 को बना खमरिया नगर पंचायत में तकरीबन 21 हजार मतदाता हैं। जिले के पांच नगर पंचायतों में सबसे बड़ा खमरिया ही है। इसके बाद भी यहां पर विकास कार्य जमींदोज हो चुके हैं। जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है। साफ-सफाई व्यवस्था नियमित नहीं होती है। मीरजापुर से चेतगंज, टेढ़वा से खमरिया, माधोसिंह से खमरिया मार्ग की दशा खराब होने से कालीन कारोबारियों को परेशानी होती है। यहां पर वार्ड की गलियों में चार पहिया वाहन भी नहीं जा पाते। वार्ड संख्या 9 पीपरतर कैथान और वार्ड संख्या 14 मझगवां गंदगी के अंबार से पटे पड़े हैं।
वार्ड नंबर-14 (मझगवां)
नगर पंचायत के इस वार्ड में साफ-सफाई की व्यवस्था काफी बदहाल है। वार्ड में सार्वजनिक शौचालय न होने से भी लोगों को काफी परेशानी होती है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण बारिश के दिनों में सड़कों पर पानी जमा हो जाता है। इससे आवागमन में लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। सफाईकर्मियों की हालत यह है कि यहां तीन-तीन दिनों में कूड़ा उठान किया जाता है।
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वार्ड नंबर-9 (पीपरतर कैथान)
खमरिया नगर पंचायत के वार्ड नंबर पीपरतर कैथान की हालत यह है कि यहां गलियों में बिछाए गए चौके गायब हो चुके हैं। यहां न तो नालियों की मरम्मत कराई गई है और न ही इंटरलॉकिंग की व्यवस्था की गई है। बरसात के दिनों में तो विषैले जंतुओं का खतरा भी बढ़ जाता है। इस वार्ड में अब तक प्रकाश की समुचित व्यवस्था नहीं हो सकी है। जिसका परिणाम है कि लोग अंधेरे में ही आने-जाने को विवश हैं।
प्रतिक्रिया:
वार्ड में सार्वजनिक शौचालय नहीं है, इसके कारण बाहर से आए हुए लोगों को बड़ी दिक्कतें होती है। साफ-सफाई नियमित नहीं की जाती है। नालियां जाम है। बारिश के दिनों में जल निकासी की समस्या होती है। फैसल हेलाल खां, वार्ड 14।
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सफाई व्यवस्था बदहाल है। कूड़ा का उठान नियमित नहीं किया जाता है। सफाईकर्मी तीन दिन में एक बार कूड़ा उठाने आते हैं। नालियों की सफाई न होने से उससे उठने वाले दुर्गंध से लोग परेशान है। शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं होती है। रोहित कुमार गुप्ता, वार्ड 14।
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विकास के नाम पर पैसा आ रहा है। कहां पर खर्चा हो रहा है इसका कुछ लेखा जोखा नहीं है। वार्ड में ठेकेदार चौका पत्थर गायब कर देते हैं। अभी तक न नाली बनी है और न ही टूटी हुई इंटरलॉकिंग का मरम्मत किया गया है। शशांक दूबे, वार्ड 9।
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वार्ड की सड़क के किनारे घास फूस उगे हैं। प्रकाश की समुचित व्यवस्था नहीं है। इससे रात में चलने में दिक्कत होती है और विषैले जानवरों का भय रहता है। दिनेश चंद्र श्रीवास्वत, वार्ड 9।
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वर्जन
नियमित कूड़ा का उठान किया जाता है। कूड़ा निस्तारण केंद्र भी बनाया गया है। जल्द शुरु कर दिया जाएगा। वार्डवासियों की जो समस्या है, उसे भी दूर की जाएगी। - जितेंद्र सिंह यादव, ईओ, खमरिया।