किसानों से आधुनिक खेती करने पर जोर दिया गया।
इस मौके पर जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु ने कहा कि मौसम में लगातार हो रहे बदलाव को देखते हुए किसान आधुनिक खेती पर ध्यान दें। परंपरागत खेती करने से उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है।
कुछ किसानों की शिकायत पर डीएम ने विभागीय अधिकारियों को उनके निस्तारण का निर्देश दिया। उप निदेशक कृषि डॉ. आरके मौर्य ने कृषि विभाग की अनुदानित योजनाओं में शामिल कृषि यंत्र, सोलर पंप, डीबीटी, फसल बीमा योजना के बारे में किसानों को अवगत कराया।
कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों को आगे बढ़ने के लिए बीज, यंत्रों में अनुदान दे रही है।
किसान इसका फायदा उठाएं। जिला कृषि अधिकारी ओपी मिश्रा ने स्वावलंबी योजना की जानकारी देते हुए कहा कि किसानों को अब एक छत के नीचे कृषि निवेश, कृषि रक्षा रसायन, तकनीकी आदि की जानकारी मिलेगी।
जिला उद्यान अधिकारी एसएमपी पटेल ने कहा कि जायद में राष्ट्रीय कृषि योजना के तहत लौकी, तोरई, खीरा और करैला के बीज पर 40 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है।
किसानों के खाते में डीबीटी के माध्यम से अनुदान का पैसा भेजा जा रहा है। इसके बाद जिलाधिकारी ने कृषि भवन में स्थित मृदा परीक्षण कार्यशाला, उप निदेशक, कृषि अधिकारी कार्यालय का अवलोकन किया।
उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया कि कार्यालय की साफ-सफाई और अभिलेखों का रखरखाव बेहतर ढंग से किया जाए।