ज्ञानपुर। शासन-प्रशासन की सख्त हिदायत के बाद भी पंचायत सचिवों की कार्यप्रणाली सुधर नहीं रही है। डीएम के निर्देश पर 12 सितंबर को डीपीआरओ राकेश कुमार यादव ने सभी छह ब्लॉकों के सचिवों का लाइव लोकेशन जाना। इस दौरान 15 से अधिक के मोबाइल बंद मिले जबकि 13 न तो ब्लॉक पर मिले और न ही गांव में। सभी का एक दिन का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया। शासन की प्राथमिकता है कि सभी अधिकारी और कर्मचारी समय से दफ्तर पहुंचे। इसको लेकर समय-समय पर डीएम आर्यका अखौरी और सीडीओ दफ्तरों का निरीक्षण कर हकीकत देखते हैं। 12 सितंबर को डीपीआरओ ने सभी ग्राम विकास अधिकारियों और सचिवों का लाइव लोकेशन जाना। इस दौरान उनकी पोल खुल गई। इसमें अभोली ब्लॉक के सचिव प्रेमनाथ, दिलीप कुमार, गणेश चंद्र राय, राजेश कुमार, आरती यादव, नीतू शुक्ला, पूजा मौर्य, वंदना वर्मा, औराई में ज्ञानेंद्र यादव, प्रदीप कुमार, रंजन कुमार यादव, संजय कमार दूबे, संतोष सिंह, सिकंदर, भदोही में गोपाल मिश्र, महेश सिंह, विनोद कौशल, डीघ में चंद्रशेखर, जितेंद्र त्यागी, ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह, ज्ञानपुर में रेखा मौर्य, संजय श्रीवास्तव, सर्वेश शुक्ला, सुरियावां में आयुष बिद, मनोज मौर्य, संतोष कुमार, विजय कुमार, विनय कुमार शामिल रहे। डीपीआरओ राकेश कुमार यादव ने बताया कि12 सितंबर को दूरभाष और लाइव लोकेशन के माध्यम से निरीक्षण किया। इस दौरान 28 सचिव अनुपस्थित मिले। संबंधित सचिवों का अनुपस्थित दिवस का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया। जिला पंचायत राज अधिकारी राकेश कुमार यादव ने कहा कि अभोली और औराई ब्लॉक में नामित अधिकारियों के सत्यापन के दौरान 32 सामुदायिक शौचालय अपूर्ण मिले हैं। बजट खर्च होने के बाद भी शौचालय पूर्ण न होने पर अभोली के हरदुआं, प्रयागपुर, मसुधी, नागमलपुर, नेवादा रोही, सरायरूद्दी, असईपुर, चकगुमानी, मऊरामशाला, दशवतपुर, नीबी, ख्यौंखर, नवलपुर औराई में गिर्दबड़गांव, कुनबीपुर, उगापुर, सरौली, डेरवां, बरजीकला, मूलापर, बेजवां, भरतपुर, माधोपुर, भवनाथपट्टी, माधोसिंह, विशुनपुर, मेदनीपुर, द्वािरिकापुर, इटवां, चकजुड़ावन, नटवां शामिल है। डीपीआरओ ने बताया कि संबंधित गांव में जो भी प्रधान-सचिव, पूर्व प्रधान और पूर्व सचिव इसमें दोषी होगा उससे रिकवरी की जाएगी।