फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

MLA विजय मिश्रा : बेदह दिलचस्प है सियासी सफर, पुलिस से बचने को भागे थे हेलीकॉप्टर से, साधु बनकर किया था समर्पण और जीता चुनाव

Fri, 14 Aug 2020 01:15 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी पुष्पेन्द्र कुमार त्रिपाठी, अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
विजय मिश्रा (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले की ज्ञानपुर विधानसभा से विधायक विजय मिश्रा को मध्य प्रदेश के आगर जिले के तनोड़िया से पुलिस ने गिरफ्तार किया है। कार्रवाई भदोही पुलिस के अनुरोध पर मध्य प्रदेश पुलिस ने की है। पुलिस के अनुसार विजय मिश्र के खिलाफ आपराधिक आरोपों में 73 मुकदमे दर्ज हैं।

विज्ञापन


विजय मिश्रा का सियासी सफर बेहद ही दिलचस्प रहा है। कभी पुलिस की पकड़ से खुद को बचाने के लिए वह हेलीकॉप्टर से भागे तो कभी उन्होंने साधु वेश में समर्पण किया। विजय मिश्रा ने वर्ष 2016 में एक अनौपचारिक बातचीत में बताया था कि वर्ष 2009 फरवरी में भदोही में विधानसभा का उपचुनाव होना था। बसपा के 40 मंत्री भदोही में कैंप किए हुए थे।
 

विधायक विजय मिश्र। - फोटो : अमर उजाला।
उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती के कहने पर बसपा प्रत्याशी की मदद करने से इनकार कर दिया तो वह नाराज हो गईं। उन्होंने हमें पकड़ने के लिए पुलिस भेज दी। उसी दौरान नेताजी मुलायम सिंह यादव भदोही में सभा कर रहे थे। हमने मंच से जनता को अपनी पत्नी रामलली के सिंदूर का वास्ता देते हुए कहा कि अब उनके सुहाग की रक्षा और सम्मान आप सबके हाथों में ही है।

नेताजी ने कहा कि जिसकी हिम्मत हो पकड़कर दिखाए और फिर वे हमें हेलिकॉप्टर में लेकर चले गए। उधर, पुलिस देखती ही रह गई। इसके बाद जुलाई 2010 में बसपा सरकार के मंत्री नंद कुमार नंदी पर प्रयागराज में हुए हमले में विजय मिश्रा का नाम आया।
 

विधायक विजय मिश्र। - फोटो : अमर उजाला
वर्ष 2011 में विजय मिश्रा ने दिल्ली स्थित हौज खास में लंबी दाढ़ी और लंबे बालों में साधु वेश में समर्पण किया था। जेल में ही रहकर वर्ष 2012 में वह सपा के टिकट पर ज्ञानपुर से विधानसभा का चुनाव लड़े और फिर विजयी हुए।

पेट्रोल पंप से की थी कारोबारी जीवन की शुरुआत

प्रयागराज जनपद के सैदाबाद क्षेत्र के खपटीहां गांव में जन्मे विजय मिश्रा ने 1980 में एक पेट्रोल पंप और ट्रक संचालन से अपने कारोबारी जीवन की शुरुआत की थी। विजय मिश्रा अक्सर कहते हैं कि उन्हें लोग अनायास ही धमकाते थे। इससे उनका व्यापार प्रभावित होता था। पूर्व मुख्यमंत्री पंडित कमलापति त्रिपाठी के निर्देश पर वह राजनीति में आए और नब्बे के दशक में वह ब्लॉक प्रमुख बन गए।
 
विज्ञापन

सांकेतिक तस्वीर
इसके बाद भदोही में जिला पंचायत के चुनाव में विजय मिश्र की हमेशा अच्छी-खासी दखल रही। साथ ही आपराधिक आरोपों में मुकदमों की संख्या भी बढ़ती गई। वर्ष 2001 के लगभग सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव से विजय मिश्रा की करीबी बढ़ी।

फिर वह सपा के टिकट से ज्ञानपुर से 2002, 2007 और 2012 का विधानसभा चुनाव जीते। वर्ष 2017 में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने टिकट नहीं दिया तो निषाद पार्टी से विजय मिश्रा ने ज्ञानपुर विधानसभा का चुनाव जीता। इस बीच उनकी पत्नी रामलली मिश्रा भदोही से जिला पंचायत अध्यक्ष और एमएलसी का चुनाव जीतीं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें