ज्ञानपुर। कोविड-19 के कारण जिले के महाविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया महीने भर विलंबित हो चुकी है। स्नातक में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन लिए जा रहे हैं, लेकिन कट आफ के साथ प्रवेश प्रक्रिया सितंबर में शुरू होंगी। हालांकि सीट और उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं की संख्या ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।
यूपी बोर्ड के साथ सीबीएसई और आइसीएसई 12वीं का परीक्षा परिणाम जून में ही घोषित हो चुका है। इसमें यूपी बोर्ड के 17 हजार 493 छात्र-छात्राओं के साथ इंटरमीडिएट में कुल 19 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं ने परीक्षा उत्तीर्ण की है। इस बार कोरोना वायरस संक्रमण के कारण जुलाई के बजाए अगस्त में आनलाइन आवेदन लिया जा रहा है। दाखिले की जंग में कम अंकों से उत्तीर्ण विद्यार्थियों के सामने संकट गहराना तय है। उत्तीर्ण छात्रों की संख्या के सापेक्ष स्नातक कक्षाओं में निर्धारित सीटों की संख्या काफी कम है। काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ज्ञानपुर में स्नातक कक्षाओं में निर्धारित दो हजार सीटों के साथ दो अन्य राजकीय और 21 स्व वित्तपोषित महाविद्यालयों को मिलाकर करीब 10 हजार सीटें हैं। ऐसे में मेरिट और कट आफ तय होने पर कम अंक पाने वाले छात्र-छात्राएं परेशान होंगे। केएनपीजी के प्राचार्य डॉ. पीएन डोंगरे ने बताया कि अभी स्नातक की कक्षाओं के लिए आनलाइन आवेदन लिया जा रहा है। रुकी परीक्षाएं होने के बाद सीटों के आधार पर कट आफ तय होंगे।
औराई संवाददाता के अनुसार, राजकीय महिला महाविद्यालय में प्रवेश के लिए 31 अगस्त तक आनलाइन आवेदन लिए जा रहे हैं। अब तक बीए प्रथम वर्ष के लिए 323, बीएससी बायो में 84 जबकि मैथ के लिए 39 आवेदन आए हैं। बीए प्रथम में 420 सीट, बीएससी में 120 सीट है। प्राचार्य डॉ. बृज किशोर त्रिपाठी ने बताया कि ज्यादा आवेदन आते हैं तो एससी के लिए 35 और ओबीसी- सामान्य के लिए 40 फीसदी कट ऑफ निर्धारित किया गया है। कहा कि विवि के निर्देश पर कट आफ जारी कर दाखिला शुरू कर दिया जाएगा। दो सितंबर से होने वाली बीए और एमए अंतिम वर्ष की रुकी परीक्षा की तैयारी पूरी कर ली गई है।