चंदौली। नेशनल इंटर काॅलेज सैयदराजा में आयोजित तीन दिवसीय प्रदेश स्तरीय विद्यालयी तीरंदाजी प्रतियोगिता का समापन शुक्रवार को हुआ। रोमांचक मुकाबलों के बीच मिर्जापुर मंडल ने बालक और बालिका दोनों वर्गों में शानदार प्रदर्शन करते हुए ओवरऑल चैंपियनशिप अपने नाम की। बालक वर्ग में मिर्जापुर मंडल ने 13 स्वर्ण पदक जीतकर पहला स्थान प्राप्त किया। आगरा मंडल ने 9 गोल्ड के साथ दूसरा और मेरठ मंडल ने 6 गोल्ड मेडल के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। बालिका वर्ग में भी मिर्जापुर मंडल का दबदबा देखने को मिला। यहां खिलाड़ियों ने 12 स्वर्ण पदक अपने नाम किए। आगरा ने 9 और मेरठ ने 5 गोल्ड जीतकर क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहा।
ओवरऑल परिणाम में मिर्जापुर मंडल ने कुल 21 स्वर्ण पदक जीतकर पहला स्थान प्राप्त किया। वाराणसी मंडल 16 स्वर्ण के साथ दूसरे और आगरा मंडल 15 गोल्ड के साथ तीसरे स्थान पर रहा। विजेता खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन पर पूरे मैदान में तालियों की गड़गड़ाहट गूंजती रही। मुख्य अतिथि वाराणसी मंडल के शिक्षा अपर सचिव डॉ. विनोद राय ने खिलाड़ियों की लगन और अनुशासन की सराहना की। उन्होंने कहा कि तीरंदाजी जीवन में एकाग्रता और धैर्य की शिक्षा देती है। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे ने कहा कि खेल जीवन में ऊर्जा और आत्मविश्वास भरते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रदेश का नाम रोशन करने का आह्वान किया। शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार के सहायक निदेशक एवं विद्यालय के पूराछात्र डॉ. आकिब अली ने कहा कि ग्रामीण अंचल से निकलकर प्रदेश स्तर पर पहुंचना बच्चों के आत्मबल को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि हार और जीत से ऊपर उठकर खेल को अनुभव के रूप में लेना चाहिए। जिला विद्यालय निरीक्षक देवेंद्र सिंह ने कहा कि इस प्रतियोगिता से विद्यार्थियों को न केवल प्रतिस्पर्धा का अवसर मिला बल्कि आत्मविश्वास और बेहतर प्रदर्शन की प्रेरणा भी मिली। निर्णायक मंडल में उत्तर प्रदेश तीरंदाजी संघ के सचिव योगेंद्र राणा और बलराम कृष्ण यादव रहे। मुख्य निर्णायक अशोक सिंह के साथ कपिल वर्मा, अभिषेक यादव और गौतम मौर्य निर्णायक मंडल में शामिल रहे।
इस अवसर पर चेयरमैन प्रतिनिधि राजेश जायसवाल, ब्लॉक प्रमुख महेंद्र सिंह, गंगाधर पांडेय, बेचूराम, मदन सिंह, मार्कण्डेय पाल, पंकज सिंह समेत कई गणमान्य मौजूद रहे। अतिथियों का स्वागत विद्यालय के प्रधानाचार्य अनिल सिंह ने, परिचय शशांक पांडेय ने कराया जबकि संचालन की जिम्मेदारी रजनीश राय और भारत भूषण ने निभाई।