इससे कार्यक्रम स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उन्होेंने प्राचार्य डॉ.वीपी सिंह से 50 लाख का प्रस्ताव बनाने का आग्रह किया। जिससे जुलाई माह से कार्य शुरू हो जाए।
उन्हाेंने कालेज को सोलर लाइट और हैंड पंप भी देने की घोषणा की।
विधायक ने बताया कि पूर्व में 13 लाख रुपये की लागत से शौचालय निर्माण करा चुके हैं, कालेज परिसर की खस्ताहाल डेढ़ किमी सड़क के लिए 40 लाख दिया।
आश्वास दिया कि 72 घंटे के अंदर परिसर की सड़क का निर्माण शुरू हो जाएगा। तीन वर्ष से पुस्तकालय बंद होने की जानकारी पर श्री मिश्र ने प्राचार्य से उसे एक सप्ताह में चालू कराने, जो भी समस्या आ रही है उसे अवगत कराने का आग्रह किया।
प्रदेश में अहम स्थान रखने वाले केएनपीजी कालेज की बदहाली के लिए विधायक ने जनप्रतिनिधियों, छात्रसंघ के पदाधिकारियों, कालेज प्रशासन समेत संबंधित लोगों को जिम्मेदार बताया।
कहा कि इस कालेज में गरीबों, किसानों के बच्चे पढ़ते हैं, इसलिए असली सुविधा के हकदार वही है। छात्रसंघ पदाधिकारियों को गुरूजनों का सम्मान करने की हिदायत भी दी।
इस मौके पर प्राचार्य डॉ. वीपी सिंह, ब्लाक प्रमुख मनीष मिश्र, छात्रसंघ अध्यक्ष अनुज तिवारी, दिवाकर शुक्ला, शकील खां दादा, सुधाकर पांडेय, कृष्णावतार राही, जेपी पांडेय, कोको दुबे, स्वामीनाथ, कल्लू तिवारी, सच्चन दुबे, धर्मेद्र पांडेय, पवन, प्रभात, अजीत, सचिन, राकेश, मनोज आदि रहे।