मनरेगा में संविदा पर काम करने वाले एक कंप्यूटर आपरेटर ने फर्जी ढंग से सुरियावां के कंचनपुर गांव में मजदूर बनकर मजदूरों का 65 हजार रुपये अपने खाते में भेज दिया। मामले की जांच कराई गई तो शिकायत सत्य पाई गई। जांच रिपोर्ट आने के बाद विभागीय स्तर से कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
ग्रामीणों का पलायन शहरों की ओर रोकने के लिए सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना लागू की है। अब तक गांव में फर्जी मजदूरों के सहारे मजदूरी में धांधली का मामला सामने आ रहा था, लेकिन सुरियावां ब्लॉक के कंचनपुर गांव में ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें ब्लॉक मनरेगा कार्यालय में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर ने मजदूर बनकर मनरेगा मजदूरों का 65 हजार रुपये अपने खाते में भेज दिया। एक माह पूर्व ग्रामीणों ने इसकी शिकायत मुख्य विकास अधिकारी से की थी। सीडीओ ने मामले की जांच कराई तो शिकायत सच मिली। विभागीय सूत्र बताते हैं कि संबंधित संविदाकर्मी वर्तमान में डीघ ब्लॉक में कार्यरत है। सुरियावां के कंचनपुर गांव में उसके स्तर से की गई धांधली उजागर हुई है। औराई और डीघ में जांच हुई तो और भी मामले सामने आएंगे। मुख्य विकास अधिकारी आरपी मिश्र ने कहा कि जांच रिपोर्ट उनके पास आई है। अवलोकन करने के बाद संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।