ज्ञानपुर। जिले में बीते दो दिनों के बाद तापमान में भले ही गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन गर्मी का असर अब भी बना हुआ है। स्थिति यह है कि जिले के श्मशान घाटों पर धधकती चिताएं प्रचंड गर्मी की गवाही दे रही हैं। बुधवार को रामपुर श्मशान घाट पर बीते 24 घंटे में 65 शव जले हैं। बुधवार का अधिकतम तापमान 40.1 डिग्री और न्यूनतम 32.2 डिग्री दर्ज किया गया।
जिले में प्रचंड गर्मी का असर बीते डेढ़ महीने से बना हुआ है। बीच में थोड़ी राहत जरूर मिली थी, लेकिन बीते दो सप्ताह से गर्मी ने रौद्र रूप दिखाया है। लगातार 44 से 45 डिग्री तक बने रहे तापमान के कारण लोगों की तबीयत भी बिगड़ने लगी। जिले में गर्मी से मौत का भले ही कोई सरकारी आंकड़ा न हो, लेकिन घाटों पर बढ़ी चिताओं की संख्या प्रचंड गर्मी के प्रकोप को बताने के लिए काफी है। बुधवार को भले ही गर्मी से हल्की राहत मिली, लेकिन उमस बरकरार रहा। स्थिति यह रही कि बिजली कटते ही लोगों की मुश्किलें बढ़ जा रही थी। बुधवार को अचानक से हवा की दिशा बदला। इसके कारण लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली। सुबह से आसमान में बादल देखे गए, लेकिन रह-रह कर तेज धूप का असर भी बना रहा। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के मौसम विशेषज्ञ सर्वेश बरनवाल ने बताया कि बुधवार को 2.1 डिग्री तापमान गिरावट आई। जिससे अधिकतम तामपान 40.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तामपान 32.2 डिग्री सेल्सियस रहा। उमस में इजाफा हुआ है। बताया कि 20 जून को हल्की बारिश के संयोग बन रहे हैं।
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घाटों पर बढ़ गई है लकड़ी मांग
रामपुर गंगा घाट पर स्थानीय रहवाशी घनश्याम कौशल ने बताया 24 घंटे में 65 लाशें जल चुकी है। वहीं घाट पर ड्यूटी कर रहा किशन धईकार ने कहा कि इनदिनों बहुत शव आ रहे हैं। एक शव जलाने के लिए परिजनों को ढाई से तीन घंटे लग रहे हैं। घाटों पर लकड़ी की मांग भी तेजी से बढ़ी है।