ज्ञानपुर। जौनपुर के जिला अस्पताल से दवाएं बेचने के मामले में अभी तीन फार्मासिस्टों पर कार्रवाई का मामला ठंडा नहीं पड़ा है, लेकिन ज्ञानपुर जिला अस्पताल से एंटी बायोटिक इंजेक्शन बेचने का मामला प्रकाश में आया है। पीड़ित का सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से विभाग में खलबली मच गई। अस्पताल प्रशासन मामले की जांच कराने की बात कही।
सूबे के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक स्वास्थ्य सुविधा को बेहतर बनाने को लेकर सतर्क हैं। अभी मंगलवार को ही जौनपुर में सरकारी दवा बाहर निजी मेडिकल पर मिलने के बाद तीन फार्मासिस्टों पर कार्रवाई की गई। यह स्थिति तो करीब-करीब हर जिले में है, लेकिन बुधवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक मरीज के वीडियो ने जिला अस्पताल ज्ञानपुर की पोल पट्टी खोल दी। वीडियो में उसने बताया कि चार इंजेक्शन उसे अस्पताल से 600 रुपये में दिया गया जबकि उसे नि:शुल्क् मिलना चाहिए। उसने बताया कि पीपरासिलिन एंड टेजोबॅक्टम इंजेक्शन आईपी 4.5 जीएम की दवा को 600 रुपये में चार इंजेक्शन दिया गया। यानि एक इंजेक्शन की कीमत 150 रुपये हैं। सीएमएस डॉ राजेंद्र कुमार ने कहा कि उनके पास ऐसी कोई शिकायत नहीं है। अगर मामला है तो मरीज उनसे मिले। मामले में ठोस कार्रवाई की जाएगी।