ज्ञानपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय प्रथम की अदालत ने हत्या के तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। डेढ़ दशक पूर्व सुरियावां नगर में हुई हत्या के मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाया।
अभियोजन के अनुसार हंडिया के पीर मोहम्मद ने आरोप लगाया था कि साल 2005 में उसने सुरियावां में एक मकान खरीदा था। उस मकान को उसने यूसुफ टेलर को दिया था। बाद में यूसुफ ने मकान को सबीना को दे दिया। सबीना मकान खाली नहीं कर रही थी। जिसके लिए तीन सितंबर 2009 को पीर मोहम्मद और उसकी पत्नी अन्य लोगों के साथ उस मकान को खाली कराने के लिए गए। सबीना का सामान बाहर कर अपना रख दिया। उसी समय देख लेने की धमकी देते हुए सबीना ने फोन कर अपने भाई और बेटे को बुला लिया। सबीना का भाई अरशद उर्फ पप्पू, चांद बाबू युसूफ को गोली मार दी। जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। मामले मे पुलिस ने आरोपियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया। विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। जहां गवाहों के बयानात सुनने के बाद न्यायाधीश एडीजे प्रथम शैलोज चंद्रा की अदालत ने हत्या का दोषी पाते हुए महिला सबीना बानो, बेटे चांद बाबू और भाई अरशद उर्फ पप्पू का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष से पैरवी शासकीय अधिवक्ता विकास नारायण सिंह ने किया।