वन विभाग कार्यालय में बांधी गई हथिनी। संवाद
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ज्ञानपुर। बगैर लाइसेंस के एक व्यक्ति के हाथी पालने के आरोप में बलभद्रपुर से बरामद की गई गुलाबी नामक हथिनी का शनिवार को पशु चिकित्सा विभाग ने मेडिकल किया। दो डॉक्टरों की टीम ने मेडिकल किया। रिपोर्ट सोमवार को दिए जाने की बात कही। हाथी को लेकर 30 मई यानी सोमवार को कुछ फैसला होने की उम्मीद जताई जा रही है। हाथी पर वन विभाग के कर्मचारी लगातार नजर रखे हैं। हथिनी के अपना होने का दावा करने वाले धर्मेंद्र तिवारी भी ज्ञानपुर रेंज कार्यालय परिसर डटे हुए हैं। वन विभाग के अधिकारियों की मानें तो शिकायत थी कि बलभद्रपुर निवासी शैलेष तिवारी बिना लाइसेंस के हाथी रखे हुए हैं। उनके यहां से हथिनी बरामद की गई। उसे वन विभाग की अभिरक्षा में रेंज कार्यालय परिसर में रखा गया है। नियमित देखभाल की जा रही है। वहीं उसी गांव के धर्मेंद्र तिवारी का दावा है कि वन विभाग उनकी हथिनी को उठा लाया है। हालांकि अब मामला न्यायालय में है। वहीं से फैसला होना है कि आखिर यह हथिनी किसकी है और आगे क्या करना है। वन विभाग के रेंजर रिचेश मिश्रा ने बताया कि पशु चिकित्सा विभाग की टीम आई थी। टीम ने हथिनी का मेडिकल किया है। हथिनी को ठीक बताया है। रिपोर्ट देने के लिए कहा है। उधर, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. जय सिंह ने बताया कि हथिनी का स्वास्थ्य परीक्षण के लिए डॉ. शशिशेखर और डॉ. एके सिंह अपनी टीम के साथ गए थे। रिपोर्ट तैयार की जा रही है। सोमवार को रिपोर्ट पेश कर दी जाएगी।