ज्ञानपुर। गरीब बेटियों को इंटर तक की आवासीय शिक्षा की सुविधा फिलहाल 2022 में नहीं मिल सकेगी। कार्यदायी संस्था की उदासीनता से अब तक भवन 60 फीसदी भी पूर्ण नहीं हो सका है। शिक्षा विभाग ने अब तक की प्रगति रिपोर्ट परियोजना को भेज दी है। जिले में छह कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय चल रहे हैं। इन विद्यालयों में कक्षा छह से आठ तक की छात्राओं को शिक्षा दी जाती है। पढ़ाई संग उन्हें आवासीय सुविधा दी जाती है। इन विद्यालयों को उच्चीकृत किया जा रहा है। छात्राओं को कक्षा छह से लेकर 12 तक के स्कूलों में शिक्षा मिलेगी। छात्राओं की शिक्षा को परवान चढ़ाने के लिए शासन ने ज्ञानपुर, सुरियावां, भदोही में नौ करोड़ 45 लाख जबकि डीघ में एक करोड़ 77 लाख का बजट स्वीकृत किया है। जिसमें आधा बजट जारी भी कर दिया गया, लेकिन कार्यदायी संस्था की उदासीनता से निर्माण कार्य कच्छप गति से चल रहा है। उक्त परियोजना को अप्रैल 2022 में पूर्ण होना था, लेकिन अब तक 60 से 70 फीसदी ही काम हो सका है। जिससे जुलाई से स्कूलों में कक्षाएं संचालित होना मुश्किल है। जिला समन्वयक बालिका शिक्षा धीरज कुमार ने बताया कि डीघ, भदोही, सुरियावां और ज्ञानपुर में निर्माण कार्य चल रहा है। मार्च-अप्रैल 2022 तक भवनों को पूर्ण कराने की जिम्मेदारी दी गई है। जुलाई 2022 से कक्षाएं संचालित करने का अनुमान था, लेकिन अब यह 2023 में संचालित हो सकेगा। इंटर कॉलेज और हॉस्टल बनने पर छात्राएं वहीं रहेंगी और वहीं पढ़ेंगी। उन्होंने बताया कि अप्रैल में सभी निर्माण की जांच कर अब तक की रिपोर्ट परियोजना को भेज दी गई है। उन्होंने कहा कि उच्चाधिकारियों की ओर से कार्यदायी संस्था को काम में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है।
भिदिउरा गांव में सांडा को उखाड़ती महिलाएं। संवाद- फोटो : BHADOHI