इसके विरोध में व्यापारियों ने गुरुवार को बाजार में प्रदर्शन कर नाराजगी जताई।
उनका कहना था कि फोर लेन का निर्माण कार्य हो रहा है, अभी बातचीत की प्रक्रिया पूरी भी नहीं हुई है और अधिकारियों द्वारा मकानों एवं दूकानों की नापी शुरू कर दी गई।
व्यापारियों ने कहा कि लंबे समय से मकान बनवाकर रह रहे हैं, लेकिन सरकार को परवाह नहीं है। अधिकारी मुआवजे की बात कह रहे हैं, जो पर्याप्त नहीं है।
बिना किसी नोटिस दिए घर एवं दूकानों में घुसकर नापी शुरू कर दिया गया। मुआवजा मिला नहीं और कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
मुआवजा देने के बाद सरकार को पर्याप्त समय देना होगा, जिससे कि वह अन्य स्थान पर कम से कम झोपड़ी का निर्माण करा सकें। 72 घंटे का समय पर्याप्त नहीं है।
हुडेदार उपाध्याय, विजय जायसवाल, जितेंद्र बरनवाल, सोनू जायसवाल, रमाशंकर जायसवाल, रामप्रसाद,अशोक आदि रहे। इस संबंध में प्रोजेक्ट मैनेजर गौतम सिंह का कहना है कि चिह्नीकरण के बाद नोटिस जारी होगा।