बरजी कला गांव में एमबीबीएस के छात्र के गंगा में डूबने के बाद घाट पर जुटी लोगों की भीड़।
नदी-नहरों में डूबने की घटनाओं के लिहाज से शनिवार काला दिन साबित हुआ। जिले में अलग-अलग स्थानों पर हुईं दो घटनाओं में एमबीबीएस के छात्र समेत तीन लोग गहरे पानी में डूब गए। गोपीगंज थानाक्षेत्र के बरजी कला गांव में दोस्तों के साथ गंगा में नहाने गया एमबीबीएस का द्वितीय वर्ष का छात्र गहरे पानी में समा गया। दोपहर बाद तक पुलिस गोताखोरों की मदद से ढूंढती रही, लेकिन छात्र का कुछ पता नहीं चला। औराई थानाक्षेत्र के सेऊर गांव में हुई दूसरी घटना में नहर में डूबने से दो बच्चों की मौत हो गई।
गोपीगंज: बरजी कला गांव निवासी सत्यम चौबे (24) पुत्र आशीष चौबे मेरठ के राजकीय मेडिकल कॉलेज से एबीबीएस द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। दो दिन पूर्व वह घर आया था। शनिवार को सुबह करीब साढ़े आठ बजे वह नहाने के लिए गांव के दो मित्रों प्रशांत चौबे और प्रिंस चौबे के साथ गंगा घाट पर गया था। बताते हैं कि तीनों को तैरने नहीं आता। नहाते हुए तीनों गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। इस बीच प्रशांत और प्रिंस किसी तरह हाथ-पांव मारकर बाहर निकल गए, लेकिन सत्यम गहरे पानी में डूबता चला गया।
जानकारी मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। परिवार और गांव के लोग मौके पर पहुंच गए और उसकी तलाश शुरू कर दी। जानकारी पाकर पुलिस मौके पर पहुंच गई और गोताखोरों को बुलाया। गोताखोरों ने जाल डालकर काफी देर तक शव को ढूंढने का प्रयास किया, लेकिन शाम साढ़े पांच बजे तक उसका पता नहीं चल सका था।
घोसिया: औराई थानाक्षेत्र के सेऊर गांव निवासी जितेंद्र सरोज का बेटा आर्यन (8) और उनके भाई सुरेंद्र सरोज का पुत्र शुभम (7) गांव से होकर गुजरी ज्ञानपुर नहर के समीप खेल रहे थे। बताया जाता है कि दोपहर दो बजे के आसपास खेलते-खेलते दोनों बच्चे नहर पार करने के लिए रखे गए पत्थर से होकर गुजरने लगे। इसी बीच दोनों नहर में गिर गए और डूब गए। दोनों बच्चे चचेरे भाई थे। दोनों बच्चे अपने पिता के साथ केरल में रहते थे और परिवार में पड़ी एक शादी में शामिल होने के लिए घरवालों के साथ हफ्तेभर पूर्व गांव आए थे।
बच्चों के नहर में डूबने की सूचना मिलते ही गांव में कोहराम मच गया। घर की महिलाएं दहाड़े मारकर बिलखने लगीं। जानकारी मिलने के बाद मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। समाचार दिए जाने तक वाराणसी गए बच्चों के पिता का इंतजार हो रहा था। जानकारी मिलने के बाद औराई विधायक मधुबाला पासी और तहसीलदार जगदीश प्रसाद पांडेय परिवारीजनों को सांत्वना देने के लिए उनके घर पहुंचे थे।