हरिहरनाथ मंदिर में भोलेनाथ की पूजा अर्चना करती तीज व्रती महिलाएं । संवाद
ज्ञानपुर/गोपीगंज। जिले भर में हरितालिका तीज का पर्व सोमवार को महिलाओं ने आस्था और विश्वास के साथ मनाया। निर्जला व्रत रहीं और 16 शृंगार करके भगवान शिव, मां पार्वती का आराधना की। उनके चरणों में शीश झुकाया। सुहागिनों ने मां से अखंड सुहाग की कामना की। वहीं कुआरी कन्याओं ने मनवांछित वर पाने के लिए स्तुति की। जिले के प्रमुख शिवालय में सुबह से ही दर्शन-पूजन के लिए महिलाओं की भीड़ रही। शिव मंदिर पर सुरक्षा व्यवस्था चौबंद रही।
व्रती महिलाएं स्नान ध्यान करके सोमवार सुबह ज्ञानपुर बाबा हरिहरनाथ, गोपीगंज के बड़े शिव मंदिर और तिलेश्वरनाथ महादेव, सेमराध नाथ धाम, सीतामढ़ी का नर्मदेश्वर महादेव, बनकट गांव के प्राचीन शिव मंदिर बाबा बड़ेस्वर नाथ, गोपीगंज के सिद्धेश्वर नाथ,बाबा बड़े शिव धाम कबूतर नाथ, हनुमान गढ़ी आदि शिव मंदिर पर सुबह से ही आस्थावानों की भीड़ दिखी। व्रती महिलाओं ने शृंगार कर शिव मंदिर पहुंच कर शिव जी, माता पार्वती का विधि विधान पूर्वक दर्शन पूजन किया। बड़ेस्वर नाथ मंदिर को सरायक्षत्रशाह निवासी नन्हे दुबे (रिटायर्ड सेना) ने मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया। मंदिर पर महिलाओं ने पूजा पाठ की। भावसिंहपुर डूहिया निवासी आचार्य दिनानाथ शुक्ल ने बताया कि सनातन धर्म में महिलाओं के लिए हरतालिका तीज का व्रत बेहद खास है। यह व्रत सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र, सुखद वैवाहिक जीवन और उनके कल्याण के लिए रखती हैं। कुवांरी कन्या योग्य और मनचाहा वर प्राप्ति के लिए करती हैं। हरिहरनाथ मंदिर के पुजारी पंडित आशीष मिश्र ने बताया कि मंदिर पर करीब पांच हजार से अधिक महिलाओं ने माथा टेका। पूरे जिले में 25 से 30 हजार महिलाओं ने दर्शन-पूजन किया।