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Bhadohi News: सीतामढ़ी में 110 सेंसर वाली की जगह लगाई गईं मैनुअल लाइटें

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सीतामढ़ी मार्ग पर दिन में जल रही स्ट्रीट लाईटें। संवाद
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सीतामढ़ी। पर्यटन स्थल सीतामढ़ी में पर्यटन विभाग की ओर से 110 लाइटें गई हैं। नियमानुसार ये लाइटें सेंसरयुक्त होनी चाहिए थी। मानकों को दरकिनार करके यहां मैनुअल लाइटें लगा दी गईं। ये लाइटें दिन-रात जलती हैं। अब बिजली निगम ने सीतामढ़ी पर्यटन स्थल के नाम से 2.90 लाख रुपये का बिल ग्राम पंचायत को भेजा है। बिल मिलने के बाद ग्राम प्रधान सीमा सिंह अब अधिकारियों का चक्कर काट रहीं हैं पूछ रहीं हैं कि आखिर किस मद से हम बिजली निगम को बकाया बिल का भुगतान करें। ग्राम पंचायत में इसके लिए अलग से कोई बजट नहीं मिला है। एक साल पहले पर्यटन विकास के मद में सीतामढ़ी में चार करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसमें लाइटें, शेड व चार गेट बनाए गए थे। वाल्मिकि आश्रम में भी कुछ काम कराए गए थे।
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मैनुअल लाइट की स्वीच झाड़ियों में लगाई गईमैनुअल लाइट को सुबह बंद और शाम को चालू करना पड़ता है। पर्यटन स्थल की देख-रेख करने के लिए किसी की तैनाती नहीं है। गांव के प्रधान का कहना है कि मैनुअल लाइट की स्वीच झाड़ियों में लगाई गई है। जहां जंगली जानवर रहते हैं। इस कारण पर्यटन स्थल के पास के दुकानदार लाइट बंद करने नहीं जाते हैं।

नारेपार ग्राम पंचायत के नाम से है कनेक्शन
पर्यटन विभाग ने विकास कार्य कराने के बाद कनेक्शन नारेपार ग्राम पंचायत के नाम से कनेक्शन करा दिया। नियमानुसार विकास कार्य होने के बाद ग्राम पंचायत से एनओसी ली जानी चाहिए थी। ग्राम प्रधान का कहना है कि उन्होंने किसी तरह का एनओसी नहीं दिया है।
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सेंसर वाली लाइट लगी होती तो नहीं होती समस्या
पर्यटन विभाग ने यदि सेंसर वाली लाइट लगवाई होती तो यह समस्या नहीं आती। सुबह होते ही वह लाइट बंद हो जाती और शाम होते ही वह लाइट जलने लगती। सेंसर युक्त लाइटें मैनुअल लाइट से महंगी आती हैं।
आमने-सामने
पर्यटन विभाग जो भी काम कराता है, उसकी एक प्रक्रिया होती है। रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित ट्रस्ट, संस्था या गांव की होती है। इसके लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र लिया जाता है। बिना उसके विकास कार्य होता ही नहीं है। बकाया बिल जमा करने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत, ट्रस्ट या संस्था की है। - बृजेश यादव, पर्यटन अधिकारी, भदोही।

जब लाइटें लगाई जा रहीं थी तो सेंसरयुक्त लाइट लगाने का कोई प्रस्ताव नहीं था। मैनुअल लाइट लगाई गई है। उसके देखरेख की जिम्मेदारी पर्यटन विभाग की नहीं है। शुभम पाल, जेई पर्यटन विभाग

पर्यटन विभाग की ओर से गांव के नाम से कनेक्शन लिया गया है। इस कारण सीतामढ़ी में जारी कनेक्शन का बिल संबंधित ग्राम पंचायत के नाम से जारी किया गया है। बिल जमा करने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की है। बिजली निगम बकाए की वसूली ग्राम पंचायत से करेगा। लवकेश सिंह, जेई बिजली निगम

सीतामढ़ी में स्ट्रीट लाइट लगी है तो नियमत: ग्राम पंचायत से एनओसी ली गई होगी। मामले में पर्यटन विभाग से जानकारी लेंगे। इसके बाद समस्या का समाधान कराया जाएगा। - बाल गोविंद शुक्ला, सीडीओ।
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