डीआईओएस डा. ओम प्रकाश गुप्ता ने कहा कि जिन
स्कूलों में जनशक्ति का निर्धारण नहीं हो सका है उसे पूर्ण कर अभिलेख
प्रस्तुत करें। छात्रवृत्ति के कागज जिन-जिन स्कूलों का सही नहीं हो उसे
सही कराकर प्रस्तुत करें जिससे छात्रों को वजीफा मिल सके।
श्री गुप्त ने
बताया कि नेशनल ग्रीन कोर योजना के तहत जिले के 108 वित्तपोषित, राजकीय और
वित्तविहीन विद्यालयों को ढाई-ढाई हजार शासन से मिला है। उसे विद्यालय के
खाते में भेजा जा रहा है।
विद्यालय के प्रबंधक और प्रधानाचार्य उक्त धनराशि
को विद्यालय का माहौल हरा-भरा करने, जागरूकता, स्वच्छता अभियान में खर्च
करें। पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी हिमेंद्र उपाध्याय ने छात्रवृत्ति से
जुड़ी जानकारी दी। इस मौके पर इंद्रमणि मिश्रा, ज्ञानेंद्र तिवारी सहित कई
लोग मौजूद रहे।