ऊंज। कोरोना संक्रमण काल में प्रशासन का सहयोग न करना एक शैक्षणिक संस्थान को भारी पड़ गया। बाहर से जिले में आ रहे प्रवासियों के ठहरने के लिए शेल्टर होम के रूप में इस्तेमाल करने के लिए भवन न देने पर जिला प्रशासन ने संस्थान के प्रबंधक के खिलाफ केस दर्ज किया है।
कोरोना वायरस कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण को रोकने की खातिर जिला प्रशासन जुटा है। इस क्रम में बाहर से आने वाले प्रवासियों के ठहरने के लिए प्रशासन व्यवस्था कर रहा है। इसके लिए विभिन्न विद्यालयों के भवन और प्रतिष्ठान अधिग्रहीत किए जा रहे हैं। वाराणसी-प्रयागराज राजमार्ग पर ऊंज सीमा पर स्थित रामदेव पीजी कॉलेज से सटे एक अन्य शैक्षणिक संस्थान को भी प्रशासन ने शेल्टर होम बनाने के लिए अधिग्रहण करना चाहा। लेकिन, प्रबंधक ने भवन देने से इनकार कर दिया। उसका कहना था कि कोई और भवन ले लिया जाए। इस पर जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने बृहस्पतिवार देर रात संस्था के प्रबंधक अजय मिश्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा दिया। ऊंज थाने के एसओ राम दरश ने कहा कि मुकदमा दर्ज कर छानबीन की जा रही है।