बताया जा रहा है कि लालता प्रसाद खेत का तार खंभे से लपेटकर ले जा रहे थे। इस बीच अचानक खंभे में करंट प्रवाहित होने से उसकी चपेट में आ गए और खेत में गिर पड़े। खेत के पास मौजूद महिलाओं ने उन्हें देखा तो शोर मचाया। ग्रामीणों ने तत्काल सेमराध विद्युत उपकेंद्र पर सूचना देकर बिजली आपूर्ति बंद कराई और गंभीर हालत में उन्हें गोपीगंज के एक निजी अस्पताल ले गए। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अधेड़ की मौत से पत्नी कुसुमा देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्हें तीन बेटे हैं। जिसमें बड़ा पुत्र छबिले यादव मुंबई में टेम्पो चलाता है। दूसरा पुत्र रंगलाल यादव वाराणसी में एक कोरियर कंपनी में कार्यरत है। वहीं सबसे छोटा पुत्र विजय लाल यादव रेलवे में नौकरी करता है।
बिजली निगम पर लापरवाही का आरोप, चार साल पहले भी हो चुकी है घटना
घटना के बाद ग्रामीणों ने आक्रोश जताया। आरोप लगाया कि सूचना देने के बावजूद करीब तीन घंटे तक न तो विद्युत विभाग का कोई अधिकारी और जिम्मेदारी कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। बताया कि यदि खंभे और ट्रांसफार्मर और तारों की समय पर मरम्मत एवं रखरखाव किया गया होता तो खंभे में करंट नहीं उतरता।
ग्रामीणों ने स्थानीय लाइनमैन की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। चार साल पहले सेमराध में करंट लगने से रमेश यादव की मौत हो चुकी है। गांव के अभय राज यादव, पारस नाथ यादव, रामधनी यादव, रामदेव यादव, लल्लू गौड़, रामरक्षा यादव ने गांव में लगे जर्जर विद्युत खंभों और लटकते तारों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की।
बारिश के मौसम में कुछ परिस्थितियों में विद्युत खंभों में करंट उतर सकता है। लोगों को खंभों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। घटना की जानकारी मिली है और जांच में यदि किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - आरपी यादव, एसडीओ, सेमराध।
शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों की ओर से कोई तहरीर मिलती है तो आगे की कार्रवाई की जाएगी। - मनीष द्विवेदी, थानाध्यक्ष, कोईरौना।