ज्ञानपुर। इन दिनों मक्का की खेती करने के लिए उपयुक्त समय है। किसान बोआई की तैयारी में जुटे हैं। वहीं, कुछ किसान गेहूं की कटाई के बाद ही मक्का की बोआई कर चुके हैं। अभी बोआई की गई मक्के की फसल मॉनसून तक बाजार में आ जाती है।
उसकी तोड़ाई करके किसान मानसून सीजन में बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं। इससे उनकी आर्थिक तंगी दूर होगी। यहां दो से ढ़ाई लाख लघु सीमांत किसानों की संख्या है।
जिले में करीब 10 से 15 हेक्टेयर में मक्के की खेती होती है। किसानों का एक तबका परंपरागत खेती को छोड़ कर तकनीकि खेती की तरफ कदम बढ़ाए है। सिर्फ जरुरत के अनुसार किसान दो चार बिस्वा में मक्का की खेती करते हैं। यदि किसान चाहे तो बड़े पैमाने पर इसकी खेती करके मोटा मुनाफा कमा सकते हैं। मॉनसून सीजन में एक भूट्टा 20 से 30 रुपये तक मिलता है। भिडिऊरा के किसान सुभाष दूबे ने बताया कि मक्का की बोआई करने के लिए अभी खेत की सिंचाई किया हूं।
दो बिस्वा में मक्का की बोआई करता हूं। यहां दो से चार बिस्वा में मक्का की खेती ज्यादातर किसान करते हैं। बड़े पैमाने पर खेती नहीं की जाती है।
जोताई के साथ दो बिस्वा खेती करने पर करीब एक हजार रुपये तक खर्च आता है। कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि विशेषज्ञ डॉ. आरपी चौधरी ने बताया कि बताया कि मक्का की बुआई शुरु है। किसानों का एक तबका इसकी बुआई कर चुका है।
आषाढ़ में मक्का की बोआई की जाती है। अभी गर्मी वाली मक्का की बोआई किसान कर रहे हैं, या कर चुके हैं।