महर्षि वाल्मीकि आश्रम में वाल्मीकि रामायण का पाठ करते श्रद्धालु। स्रोत संगठन
सीतामढ़ी। जिले में रामायण के रचयिता आदि कवि महर्षि वाल्मीकि की जयंती पर सीतामढ़ी स्थित महर्षि वाल्मीकि आश्रम में वाल्मीकि रामायण का पाठ किया गया। इस मौके पर आदि कवि के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया।
महर्षि वाल्मीकि आश्रम के महंत पंडित हरिप्रसाद मिश्र शास्त्री ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने रामायण की रचना कर संपूर्ण मानव समाज को धर्म, मर्यादा, सत्य, त्याग, कर्तव्य और आदर्श जीवन का अमूल्य संदेश दिया। उनकी रचना में भगवान श्रीराम के आदर्श चरित्र के माध्यम से जीवन के उच्चतम मूल्यों का दर्शन होता है।
उनके विचार आज भी समाज को सदाचार, नैतिकता और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। संस्कृति विभाग एवं जिला प्रशासन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में सीडीओ बालगोविंद शुक्ल, पर्यटन अधिकारी बृजेश यादव, महेश्वर शाश्त्री, धर्मेन्द्र सिंह, संजय सिंह चौहान, मुन्ना सिंह, गोदीलाल मिश्र, संतोष यादव, मुन्नी सिंह आदि ने रामायण पाठ का वाचन किया।