महाराशिवरात्रि पर स्नान के साथ ही प्रयागराज महाकुंभ संपन्न हो गया। डेढ़ महीने तक जिले के हाईवे से लगभग सात लाख 41 हजार वाहन संगमनगरी गए। विशेष स्नान पर्वों पर हाईवे से 2 लाख 55 हजार वाहन प्रयागराज की ओर से गए।
मौनी अमावस्या और एकादशी के स्नान के दौरान सबसे अधिक 68 हजार वाहन वाराणसी-प्रयागराज हाईवे से गुजरे।
वहीं मकर संक्रांति के पहले स्नान पर केवल 32 हजार वाहनों का आवागमन हुआ। बुधवार को अंतिम स्नान के समय प्रयागराज से लौटने वाले वाहनों की बहुत ज्यादा भीड़ रही। जिससे लालानगर टोल प्लाजा पर पूरे दिन करीब एक किमी तक वाहनों की कतार लगी रहती थी।
प्रयागराज का सबसे नजदीकी जिला होने के कारण भदोही में भी महाकुंभ का वैभव देखा गया। एक महीने तक जिले के हाईवे पर वाहनों का रेला लगा रहा। जिस हाईवे पर एक दिन में औसतन 12 हजार वाहनों का आवागमन होता है। वहां महाकुंभ के दौरान औसतन हर दिन 25 से 30 हजार वाहन गुजरे हैं। विशेष स्नान पर्वों पर तो यह संख्या 50 हजार के पार कर गई थी।
महाशिवरात्रि स्नान पर्व पर प्रयागराज जाने वाले वाहन कम रहे, लेकिन वहां से लौटने वाले वाहनों की कतार कम ही नहीं हो रही थी। लालानगर टोल प्लाजा पर पूरे दिन 200 से 300 वाहनों का जमावड़ा लगा रहा। जिस कारण टोल के पास वाहन रेंगते नजर आए। वहीं प्रयागराज जाने वाली लेन पर सरपट वाहन दौड़ते नजर आए।
480 किलो मीटर की दूरी तय कर साइकिल से महाकुंभ स्नान लालानगर के जुड़वनपुर गांव राघोपुर, वैशाली, बिहार के निवासी बच्चा बाबू चौधरी 480 किलो मीटर की दूरी तय कर साइकिल से महाशिवरात्रि पर्व पर महाकुंभ संगम स्नान का संकल्प पूरा किया। वह अपने गांव से साइकिल से सवार होकर महाकुंभ में गंगा स्नान किए। 22 फरवरी को सुबह अपने गांव से विदा होकर निरंतर साइकिल चलाते हुए 26 फरवरी को सुबह प्रयागराज पहुंचे और संगम तट पर स्नान किया।
हाईवे पर हुए 23 हादसे, 12 की गई जान, 105 घायल भदोही में महाकुंभ के दाैरान 36 हादसे हुए हैं। इसमें 18 लोगों की मौत हुई और 107 लोग घायल हुए हैं। इसमें हाईवे पर 23 हादसे हुए हैं। इसमें 12 लोगों की जान गई है और 105 लोग घायल हुए हैं। सबसे अधिक हादसे खड़े ट्रक या वाहन में पीछे से टकराने से हुए हैं।
एसपी अभिमन्यू मांगलिक ने बताया कि महाकुंभ के दौरान हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था से लेकर यातायात संचालन के लिए भरपूर इंतजाम रहे। पुलिसकर्मियों की जगह-जगह ड्यूटी लगी रही। बुधवार को हाईवे से वाराणसी जाने वाले वाहनों की संख्या अधिक रही।