पूर्वोत्तर रेलवे का मडुआडीह-रामबाग रेल खंड के सभी गेट इलेक्ट्रानिक सुविधा से जुड़ेंगे। इससे न केवल यात्रियों को राहत मिलेगी बल्कि गेट पर काफी देर तक खड़े होने वाले वाहन चालकों के समय में बचत होगी। पीआरओ वाराणसी मंडल अशोक कुमार ने बताया कि रेल खंड पर दो वर्ष पूर्व ही आधुनिकीकरण योजना की शुरुआत हुई। योजनांतर्गत दोहरीकरण, विद्युतीकरण, आटोमैटिक सिग्नल प्रणाली जैसी सुविधाएं मिल चुकी हैं। दो दशक से चली आ रही पुरानी तकनीकी व्यवस्था से अब तक गेट को खोलने और बंद करने का कार्य कराया जा रहा है। इस दौरान ट्रेनों के एक स्टेशन दूर रहने पर गेट बंद होते हैं। स्टेशन का ब्लॉक सेक्शन जब तक ट्रेन पार नहीं कर लेती तब तक गेट को खोलना संभव नहीं रहता। इसके चलते ज्ञानपुर रोड, जंगीगंज, अहिमनपुर, कछवां, कटका, निगतपुर, माधोसिंह, भीटी, हंडिया, सैदाबाद, रामनाथपुर, झूंसी, दारागंज आदि स्टेशन आर हाल्ट डीएलडब्ल्यू, बहेड़वा, अलमऊ, सरायजगदीश अतरौरा के दोनों छोर पर परिचालन, इंजीनियरिंग विभाग के मानव रहित गेट हमेशा व्यस्त रहते हैं। दोहरीकरण-विद्युतीकरण के बाद गेटों पर होने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए प्रथम चरण में ऐसे गेट चिह्नित कर इलेक्ट्रानिक सुविधा से जोड़ी जा रही है, जो सबसे अधिक व्यस्त रहते हैं। जैसे ही प्रथम चरण का कार्य पूर्ण होगा दूसरे चरण में सभी पुराने गेट नई तकनीकी सुविधा से जुड़ जाएंगे।