ज्ञानपुर/घोसिया। सीडीओ यशवंत कुमार की फटकार के बाद आरईएस से संबद्ध कार्यदायी संस्था ने डालर नगरी के नाम से प्रसिद्ध माधोसिंह-खमरिया के मुख्य सड़क का निर्माण शुरू करा दिया है। सड़क तीन महीने से जर्जर थी। यहां से हर रोज आम लोगों के अलावा बड़े-बड़े निर्यातक भी गुजरते हैं। खमरिया बाजार में जाने वाले माधोसिंह-खमरिया सड़क जर्जर थी। वित्तीय वर्ष 2021-22 तक सड़क लोक निर्माण विभाग के अधीन थी। 2022 में इसे आरईएस की कार्य योजना में शामिल कर लिया गया। इसके कारण सड़क का निर्माण कार्य अटका हुआ था। इस मामले यह भी सामने आया था कि नामित कार्यदायी संस्था निर्माण की समयसीमा समाप्त कर अनुमोदित लाखों रुपये की धनराशि बिना कार्य कराए ही भुगतान कराना चाहती थी। मामला जब सुर्खियों में आया तो संस्था ने जगह-जगह नाममात्र तक सड़क का निर्माण दिखाकर कार्य बंद करा दिया, जो कार्य हुआ भी था, उसकी गुणवत्ता इतनी खराब थी कि माधोसिंह चौराहा से पांच सौ मीटर दक्षिण तरफ लगा पत्थर चौका उखड़ गया। इससे साइकिल, मोटर साइकिल, रिक्शा, माल वाहन, लग्जरी कार समेत अन्य तरह के वाहन चालकों की मुश्किल बढ़ गई। यह सड़क खमरिया नगर से चेतगंज बाजार, औराई, गोपीगंज, मिर्जापुर जान के लिए महत्वपूर्ण मार्ग है। कालीन नगरी खमरिया पहुंचने में निर्यातकों, आयातकों काा जल्दबाजी प्रयागराज, वाराणसी, जौनपुर तक होती है। सड़क की खराब गुणवत्ता को लेकर कालीन निर्यातक ओमप्रकाश मौर्या, सामाजिक कार्यकर्ता शिवप्रसाद गुप्ता ने सीएम पोर्टल पर शिकायत भी दर्ज कराई थी। अब सड़क निर्माण शुरू होने से लोगों ने राहत की सांस ली। अवर अभियंता आरईएस अतिंद्र केशरवानी ने कहा कि शिकायत पर कार्यदायी संस्था को नोटिस जारी किया गया था और सीडीओ यशवंत सिंह ने फटकार लगाकर सड़क निर्माण का निर्देश दिया था। निरीक्षण कर मानक को पूरा कराया जाएगा।