ज्ञानपुर। रसोई गैस की बढ़ी किल्लत के बीच गैस वितरकों की मनमानी उपभोक्ताओं को परेशान कर रही है। वितरक उपभोक्ताओं से निर्धारित मूल्य से अधिक पैसा ले रहे हैं। यहीं नहीं होम डिलीवरी के नाम पर भी अतिरिक्त पैसे ले रहे हैं। शिकायत पर वितरक वहीं मूल्य होने की बात कहकर टाल देते हैं, जबकि टोल फ्री नंबर पर निर्धारित मूल्य वितरकों द्वारा लिए गए मूल्य से 30 से 35 रुपये कम रहे हैं।
जिले में एलपीजी गैस वितरकों की संख्या में करीब 35 से 40 के बीच है। प्रशासन के स्तर पर एलपीजी गैसों की कालाबाजारी रोकने के लिए डीएसी नंबर अनिवार्य कर दिए। जिसमें सिलिंडर की बुकिंग के बाद एक डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड आता है। सिलेंडर प्राप्त करते समय यह कोड डिलीवरी मैन को बताना अनिवार्य होता है। इसी डीएसी कोड के मैसेज में सिलिंडर का शुल्क भी लिखा होता है, लेकिन कई वितरक निर्धारित शुल्क से अधिक वसूल रहे हैं। कई उपभोक्ताओं का आरोप है कि अलग-अलग समय एलपीजी के निर्धारित मूल्य से हमेशा 30 से 35 रुपये अधिक लिया जाता है।