ज्ञानपुर। ऊंज थानाक्षेत्र के सूफीनगर तिराहे के पास चार दिन पूर्व हुए सड़क हादसे में ट्रक चालक शंकरलाल को लगभग चार लाख रुपये की क्षति उठानी पड़ी, मगर भरपाई के रूप में मिले केवल सात हजार रुपये। इससे न तो वह डीजल खर्च को पूरा कर पा रहा है और न ही ट्रक पर लदे सामान की उतरवाई की मजदूरी का भुगतान कर पा रहा है। मौजूदा हालत यह है कि क्षेत्र के एक ढाबे पर उधार की रोटी खाकर पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली और मनबढ़ों को कोस रहा है।
बताया जाता है कि गत 30 जनवरी की सुबह आर्मी के सामान से लदे ट्रक को सड़क के किनारे खड़ा कर चालक शंकरलाल चाय पी रहा था। तभी पीछे से चूना लादकर वाराणसी की ओर जा रहे ट्रेलर के चालक ने नशे की हालत में अनियंत्रित होकर जोरदार टक्कर मार दी, जिससे ट्रक के चालक को काफी नुकसान उठाना पड़ा। घटना में दोनों वाहनों के सवार बाल-बाल बच गए, लेकिन ट्रेलर स्वामी की हनक से स्थानीय स्तर पर सुलह-समझौते में शंकरलाल को भारी क्षति पहुंचा दी। मामला ऊंज थाने तक पहुंचा, लेकिन जिसकी लाठी-उसकी भैंस की कहावत के आगे उसकी एक न चली। नाममात्र की भरपाई कराकर मामले को रफा-दफा कर दिया गया। यह प्रकरण चर्चा का विषय बना रहा। चालक शंकरलाल का कहना है कि वह सिर्फ एक ट्रक का मालिक है। उसी की कमाई से परिवार का जीवन यापन हो रहा है। अब सात हजार रुपये में नुकसान की भरपाई तो दूर डीजल और रास्ते का खर्च वहन कर पाना भी मुश्किल हो गया है। उसका दावा है कि दुर्घटना में उसका लगभग चार लाख रुपये का नुकसान हो गया। मामले में मध्यस्थता कर रहे थानाध्यक्ष ऊंज रामदरश ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली थी, जिसके कारण शनिवार को थाने में सुलह-समझौता करा दिया गया।