महावीर जयंती के उपलक्ष्य में नगर के जैन धमावलंबियों ने मंगलवार को प्रभातफेरी निकालकर भगवान महावीर के पदचिह्नों पर चलने का संकल्प लिया। रजपुरा बाईपास मार्ग स्थित एमसी बोथरा के प्रतिष्ठान पर दर्जनों जैन अनुयायी जुटे और झंडा बैनर के साथ प्रभातफेरी निकाली। इस दौरान लोगों को अहिंसा की राह पर चलने पर जोर दिया गया। प्रभातफेरी रजपुरा चौराहे और कालोनी में भ्रमण करने के बाद जैन मंदिर पर पहुंची, जहां आरती पूजन और प्रसाद वितरण के बाद कार्यक्रम का समापन हुआ। मंदिर पर आयोजित विचार गोष्ठी में शामिल वक्ताओं ने भगवान महावीर की जीवनी पर प्रकाश डाला और उनके उद्देश्यों पर चर्चा की।
जुगराज जैन ने कहा कि हमारे भगवान की सीख थी कि जियो और जीने दो। उन्होंने सत्य और अहिंसा की राह अपनाने पर जोर दिया। अहिंसा परमो धर्म: ही इस धर्म का मूल तत्व है। हम सबको उसी को आदर्श मान कर चलना चाहिए। कहा जीवन में त्याग की भावना जागृत किए बगैर मन को शांति नहीं मिल सकती। राजकुमार बोथरा ने कहा कि प्रेम भाव से जीने वाले का जीवन ही सार्थक है। इंसान के अंदर परोपकार की भावना रहने से ही जियो और जीने दो का नारा सार्थक होगा। गोष्ठी में समाज के गरीबों और अमीरों को साथ लेकर चलने का आह्ववान किया गया। प्रभातफेरी में संतोक गोलछा, सुरेश डागा, छत्तर सिंह गोलछा, मनोज सुराना, जेएस जैन, जेठमल बाठिया, बीएल सिंगी, सुशील नाहटा, नरेंद्र जैन, पारस बांठिया, हाली कुमार जैन, विनय बांठिया, मोनू डागा, रीतू सुराना, मिली सुराना, लबली बांठिया, गुंजन बांठिया, सन्नो गोलछा आदि शामिल हुए।