Lok Sabha Election: पार्टी के प्रति वफादारी का इरफान अहमद बबलू को इनाम मिला और लोकसभा चुनाव में अतहर अंसारी के टिकट लौटाने के बाद इरफान भदोही से बसपा के प्रत्याशी बने हैं। बताया जा रहा है कि इन्होंने अब तक कोई बड़ा चुनाव नहीं लड़ा है। बसपा के टिकट बदले जाने के बाद भदोही में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलेंगे।
बहुजन समाज पार्टी ने भदोही लोकसभा सीट से अपना उम्मीदवार बदल दिया है। पार्टी ने भदोही के बाजार सलाबत खां निवासी इरफान अहमद बबलू को अपना उम्मीदवार घोषित किया है।
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बताया जा रहा है कि बसपा के घोषित उम्मीदवार अतहर अंसारी ने बेटे की बीमारी का हवाला देते हुए लड़ने से मना कर दिया था। भदोही लोकसभा से भाजपा और गठबंधन प्रत्याशी के ऐलान के बाद काफी समय से बसपा प्रत्याशी का इंतजार किया जा रहा था। एक सप्ताह पहले ही बसपा ने भदोही के कालीन निर्यातक और भदोही नगर पालिकाध्यक्ष नरगिस अतरह के पति अतहर अंसारी को उम्मीदवार बनाया था।
बताया जा रहा है कि अतहर अंसारी का शुरू से ही चुनाव लड़ने का मन नहीं था। टिकट के ऐलान के एक सप्ताह बाद ही उन्होंने बेटे की बीमारी का हवाला देते हुए चुनाव लड़ने से मना कर दिया। ऐसे में बसपा ने एक बार फिर से मुस्लिम चेहरे पर ही भरोसा जताते हुए भदोही के बाजार सलाबत खां निवासी इरफान अहमद बबलू को टिकट दिया। ये 1998 से बहुजन समाज पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता रहे हैं।
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बीते चार-पांच सालों से पार्टी में इनकी सक्रियता बढ़ी है। यहां गौर करने वाली बात है कि 2023 हुए निकाय चुनाव में बसपा ने इरफान अहमद बबलू की बहन को टिकट दिया था। निकाय चुनाव में इनकी बहन ने नामांकन भी दाखिल कर दिया, लेकिन नामांकन के अगले ही दिन इनकी बहन का टिकट काटकर अतहर अंसारी की पत्नी नरगिस अतहर को दे दी गई।
हालांकि इसके बाद भी ये पार्टी से जुड़े रहे और पार्टी ने इन्हें मंडल कोआर्डिनेटर की जिम्मेदारी सौंपी। चुनाव बाद ये जिला प्रभारी बनाए गए हैं, लेकिन फिलहाल वे किसी पद पर नहीं हैं।