जांच के बाद ही सोनार के द्वारा दिए गए सर्टिफिकेट के आधार पर बैंक ग्राहक को लोन देता है। ज्ञानुपर की इंडियन बैंक की शाखा ने गोपीगंज के दुर्गा मंदिर के पास निवासी सोनार राजू सेठ को गोल्ड लोन के लिए अधिकृत किया था।
बैंक से अलग-अलग जगहों के निवासी छह लोगों ने 24 लाख 95 हजार रुपये का ऋण ले लिया। इन सभी के गोल्ड लोन की जांच स्वर्ण व्यवसायी राजू सेठ द्वारा की गई थी।
एक साथ सभी खाताधारक जब बैकिंग नियमों के अनुसार काम नहीं किए और बकाया राशि के भुगतान को लेकर नोटिस जारी होने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला तो रखे गए सोने की नीलामी की प्रक्रिया शुरू कराई गई।
बैंक द्वारा जब दोबारा स्वर्ण आभूषणों की जांच कराई गई तो आभूषण नकली पाए गए। जिसके बाद बैंक मैनेजर संचित कुमार ने सोनार समेत सभी सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस इस मामले में सोनार राजू सेठ को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं गोपीगंज निवासी दो लोगो को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
इन लोगों पर दर्ज है मुकदमा
मामले में बैंक मैनेजर की तहरीर सोनार राजू सेठ निवासी गोपीगंज, दुर्गा मंदिर के पास के साथ लोन लेने वाले सरिता देवी निवासी बस स्टेशन, जीटी रोड गोपीगंज, विनोद कुमार निवासी अभोली, गदौरा, कन्हैया तिवारी निवासी गुदरीपुर गोपीगंज, रंजना यादव निवासी कृष्णा नगर, किटगंज इलाहाबाद (दो बार), स्रीश श्रीवास्तव निवासी राजरूपपुर प्रयागराज और ममता निवासी शुकुलपुर, बहरईचा, भदोही के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
बोले अधिकारी
मामले सामने आने के बाद मुकदमा दर्ज कर बैंक की ओर से सोने की जांच करने वाले राजू सेठ को गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच किया जा रहा है। इसमें जिन लोगों की संलिप्तता सामने आएगी। उन पर भी गिरफ्तारी होगी। - अभिमन्यु मांगलिक, पुलिस अधीक्षक, भदोही