साले की हत्या के दोषी जीजा को अपर सत्र न्यायाधीश शैलोज चंद्रा की अदालत ने बुधवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। जीजा ने उधार का पैसा मांगने और पत्नी की विदाई न कराए जाने से नाराज होकर अपने साले की हत्या की थी। कोर्ट ने दोषी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
यह है पूरा मामला
कोईरौना थाना क्षेत्र के रामकिशुनपुर बसहीं निवासी दीपू नट का शव 21 जुलाई 2022 को बसही चकमार्ग पर मिला था। पुलिस ने घटना की जांच पड़ताल की तो पता चला कि उसका जीजा विकास नट 20 जुलाई की शाम उसे घर से लेकर गया था। पुलिस की जांच में पता चला कि दीपू नट की बहन काजल की शादी विकास नट के साथ हुई थी। विकास ने दीपू से पैसा लिया था। इसे लेकर विकास और दीपू के बीच कहासुनी हुई थी।
विकास अपनी पत्नी की विदाई कराकर ले जाना चाहता था, लेकिन दीपू ने पैसा दिए जाने के बाद ही विदाई करने की बात कही थी। दीपू का विकास पर एक लाख 60 हजार रुपये बकाया था। इससे नाराज होकर विकास ने दीपू की हत्या कर दी थी।
पुलिस ने अभियुक्त के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र अपर सत्र न्यायाधीश शैलोज चंद्रा की अदालत में दाखिल की। अभियोजन के अधिवक्ता रामबाबू बिंद ने बताया कि कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर विकास नट को हत्या का दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने दोषी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।