ज्ञानपुर कोतवाली में समाधान दिवस पर फरियाद सुनतीं डीएम आर्यका अखौरी और एसपी रामबदन सिंह। संवाद
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ज्ञानपुर। जिले के नौ थानों और कोतवाली में शनिवार को आयोजित समाधान दिवस एक बार फिर कोरम पूर्ति तक सिमट कर रह गया। इस दौरान जमीन, मारपीट सहित विभिन्न मामलों को लेकर जिले भर से आए कुल 64 प्रार्थना पत्रों में से महज 14 का ही मौके पर निस्तारण हो सका। जबकि 50 मामले लंबित ही रह गए। इस दौरान डीएम ने कहा कि सरकारी जमीन पर कब्जा मिला तो लेखपाल जिम्मेदार होंगे।
डीएम आर्यका अखौरी और एसपी रामबदन सिंह ने ज्ञानपुर कोतवाली में पहुंचकर लोगों की फरियादें सुनीं। शनिवार को आयोजित समाधान दिवस का जायजा लेने सुबह 11 बजे डीएम आर्यका अखौरी और एसपी रामबदन सिंह ज्ञानपुर कोतवाली पहुंचे। इस दौरान करीब एक घंटे तक रुके दोनों अफसरों ने आए प्रार्थना पत्रों को देखा और उसे निस्तारित करने का निर्देश दिया। डीएम ने इस दौरान प्राथमिकता से सभी मामलों को निस्तारित करने का निर्देश भी दिया। उन्होंने थाना प्रभारियों को टीम बनाकर मौके पर जाकर निस्तारण करने के लिए कहा।
जिलाधिकारी ने कहा कि सरकारी भूमि, चकरोड, अतिक्रमण, ग्राम समाज आदि पर कब्जा नहीं होना चाहिए, यदि कहीं कब्जा मिला तो संबंधित लेखपाल, पुलिस विभाग के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। इसके अलावा महिला हेल्प डेस्क का भी जायजा लिया और महिला आरक्षी से पूछताछ भी की। ऊंज थाने में आए चार प्रार्थना पत्रों में एक का भी निस्तारण नहीं हो सका। वहीं औराई कोतवाली में एसडीएम आशीष कुमार मिश्र की अध्यक्षता में समाधान दिवस हुआ। यहां छह मामलों में दो निस्तारित हुए। दुर्गागंज थाने में प्रभारी निरीक्षक रामजी यादव की देखरेख में समाधान दिवस हुआ, यहां आए दो मामले लंबित रह गए।
गोपीगंज कोतवाली में उप जिला अधिकारी चंद्रशेखर राम पहुंचे। जिसमें आए 20 प्रार्थना पत्रों में छह निस्तारित हुए। कोइरौना में थाना प्रभारी मो. खुर्शीद अंसारी की देखरेख में 19 प्रार्थना पत्र आए, आठ निस्तारित हुए। चौरी थाने में एसडीएम योगेेंद्र साहू की अध्यक्षता में समाधान दिवस हुआ। जिसमें छह प्रार्थना पत्र आए लेकिन एक का भी निस्तारण नहीं हो सका। सुरियावां कोतवाली में छह प्रार्थना पत्रों में एक का भी निस्तारण नहीं हुआ जबकि भदोही कोतवाली में आया एक मामला निस्तारित हो गया।